जेलेंस्की प्रशासन को झटका, राष्ट्रपति के भरोसेमंद चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक ने छोड़ा पद

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के करीबी सहयोगी एंड्री यरमक ने भ्रष्टाचार जांच के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे देश में राजनीतिक और युद्धकालीन रणनीति

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के प्रमुख सहयोगी और चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक ने भ्रष्टाचार जांच के बीच अपना पद छोड़ा। उनका इस्तीफा राजनीतिक हलचल और युद्धकालीन रणनीति पर असर डाल सकता है।

Ukraine Politics: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के सबसे करीबी सहयोगी और चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने देश में राजनीतिक हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख के रूप में यरमक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी और उनके जाने से सरकार पर असर पड़ने की आशंका है। यह इस्तीफा उस समय आया जब भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों ने उनके घर पर छापेमारी की। यह मामला 100 मिलियन डॉलर के कथित किकबैक घोटाले से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

एंड्री यरमक की भूमिका

एंड्री यरमक को यूक्रेन के दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में देखा जाता था। रूस के आक्रमण के दौरान वे कूटनीति और शांति वार्ताओं के मुख्य चेहरा रहे। उन्होंने विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों के साथ संबंध बनाए और कीव में आने वाले नेताओं की मेजबानी की। इसके अलावा यरमक राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ अंतरराष्ट्रीय मिशनों में भी गए और सैन्य तथा राजनयिक समर्थन जुटाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी वजह से युद्धकालीन राजनीति में अनुशासन और समन्वय बनाए रखना आसान हुआ।

एंड्री यरमक कौन हैं?

एंड्री यरमक का जन्म कीव में हुआ। उन्होंने टारस शेवचेंको नेशनल यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय निजी कानून की पढ़ाई की और 1997 में अपनी लॉ फर्म शुरू की। अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत उन्होंने पार्टी ऑफ रीजन्स के सांसद और पूर्व ओलंपिक पहलवान एल्ब्रस टेडेयेव के कानूनी सलाहकार के रूप में की। इसके साथ ही यरमक ने मीडिया में भी कदम रखा और 2012 में गार्नेट मीडिया ग्रुप की स्थापना की। यह ग्रुप यूक्रेनी फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स पर काम करता था।

जेलेंस्की के साथ जुड़ाव

2011 में यरमक की पहली मुलाकात जेलेंस्की से हुई, जब वे इंटर चैनल के जनरल प्रोड्यूसर थे। जेलेंस्की के राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें विदेश नीति सहायक बनाया गया। इस दौरान यरमक ने रूस के साथ कैदियों की अदला-बदली और अमेरिका के साथ संवाद का प्रबंधन किया। 2020 में उन्हें चीफ ऑफ स्टाफ और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सदस्य बनाया गया। रूस के 2022 के आक्रमण के बाद वे मानवीय मामलों के समन्वयक भी बने। अक्सर जेलेंस्की जैसी मिलिट्री स्टाइल पोशाक में नजर आने वाले यरमक को "ग्रीन कार्डिनल" का उपनाम मिला और उन्हें यूक्रेन का सबसे शक्तिशाली अनिर्वाचित व्यक्ति माना जाने लगा।

इस्तीफे के पीछे का कारण

बीते दिनों नेशनल एंटीकरप्शन ब्यूरो ने ऊर्जा क्षेत्र के घोटाले की जांच के तहत यरमक के घर पर तलाशी ली। इसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा दो मंत्रियों के त्यागपत्र के बाद तीसरा बड़ा झटका माना जा रहा है। यरमक के जाने से यूक्रेन की राजनीतिक और युद्धकालीन रणनीति पर गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि वे आंतरिक अनुशासन बनाए रखने और रणनीतिक फैसले लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।

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