Jio IPO 2026: क्या टूटेगा देश के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड? अक्टूबर-नवंबर में आ सकता है मुकेश अंबानी का मेगा इश्यू

Jio IPO 2026: मुकेश अंबानी की Jio Platforms का करीब 4 अरब डॉलर का IPO अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में आ सकता है। क्या यह भारत के सबसे बड़े IPO का...

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम, डिजिटल और टेक्नोलॉजी इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में ला सकती है।

Jio IPO 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार की प्रमुख कंपनी Jio Platforms भारतीय शेयर बाजार में अब तक का सबसे बड़ा IPO लाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अक्टूबर के अंत या नवंबर 2026 की शुरुआत में करीब 4 अरब डॉलर का पब्लिक इश्यू पेश कर सकती है। अगर यह योजना तय समय के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो जियो का IPO देश के अब तक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकता है।

जियो प्लेटफॉर्म्स को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से IPO की मंजूरी मिल चुकी है। प्रस्तावित इश्यू से करीब ₹37,800 करोड़ जुटाए जाने का अनुमान है। यह रिलायंस समूह के लिए भी लंबे समय बाद बाजार में बड़ा कदम होगा।

नवरात्रि या दिवाली के आसपास आ सकता है IPO

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की लॉन्च टाइमलाइन को लेकर अगले कुछ हफ्तों में अंतिम फैसला कर सकती है। कंपनी की नजर अक्टूबर के दौरान आने वाले शुभ कारोबारी अवसरों पर बताई जा रही है। अगर इश्यू नवरात्रि के आसपास लॉन्च होता है, तो इसकी प्रक्रिया अक्टूबर में आगे बढ़ सकती है। 

वहीं, किसी कारण से अक्टूबर के अंत तक IPO नहीं आ पाता है तो नवंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च की संभावना बताई जा रही है। दिवाली 8 नवंबर और धनतेरस 6 नवंबर को है। हालांकि, अंतिम IPO तारीख, प्राइस बैंड और अन्य महत्वपूर्ण शर्तों की आधिकारिक घोषणा कंपनी की ओर से किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगी।

तीन हफ्ते विदेश और दो हफ्ते भारत में रोड शो

रिपोर्ट्स के अनुसार, IPO की तारीख तय होने के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स संभावित निवेशकों तक पहुंच बनाने के लिए रोड शो शुरू कर सकती है। कंपनी की योजना करीब तीन सप्ताह के अंतरराष्ट्रीय रोड शो और उसके बाद लगभग दो सप्ताह के घरेलू रोड शो की बताई जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी इस इश्यू को केवल घरेलू निवेशकों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि वैश्विक संस्थागत निवेशकों से भी मजबूत भागीदारी की उम्मीद कर रही है।

भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड किसके नाम?

अगर जियो का IPO करीब ₹37,800 करोड़ का होता है, तो यह भारत में अब तक पूरे हुए सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। फिलहाल Hyundai Motor India का 2024 में आया करीब ₹27,000 करोड़ का IPO देश का सबसे बड़ा पूरा हुआ पब्लिक इश्यू है। इसके अलावा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रस्तावित करीब ₹31,000 करोड़ के IPO की चर्चा भी लंबे समय से होती रही है। ऐसे में जियो का संभावित इश्यू आकार में दोनों से बड़ा हो सकता है।

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20 साल बाद रिलायंस ग्रुप का बड़ा IPO

Jio Platforms का प्रस्तावित IPO रिलायंस समूह के लिए भी ऐतिहासिक महत्व रखता है। DRHP के अनुसार, कंपनी करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। यह IPO के बाद कंपनी की इक्विटी पूंजी का लगभग 2.9 फीसदी हिस्सा होगा। प्रस्तावित इश्यू में Offer for Sale (OFS) शामिल नहीं है। यानी IPO के तहत मौजूदा शेयरधारकों द्वारा शेयर बेचने के बजाय नए शेयर जारी किए जाने की योजना है।

रिलायंस समूह के स्तर पर देखें तो यह करीब दो दशक बाद पहला बड़ा IPO होगा। इससे पहले रिलायंस पेट्रोलियम की लिस्टिंग 2006 में हुई थी। DRHP के मुताबिक, IPO से जुटाई गई राशि का एक प्रमुख हिस्सा Jio Platforms की ऑपरेटिंग सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm Ltd (RJIL) से जुड़े वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कंपनी की योजना RJIL के करीब ₹27,500 करोड़ तक के कर्ज का समय से पहले भुगतान करने की बताई गई है। शेष धनराशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स RJIL को इक्विटी शेयर, कन्वर्टिबल या नॉन-कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर, डिबेंचर या कर्ज के माध्यम से वित्तीय सहायता दे सकती है।

Meta और Google की भी बड़ी हिस्सेदारी

Jio Platforms में कई बड़े वैश्विक निवेशकों की हिस्सेदारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रमुख निवेशकों के पास कंपनी की करीब 30.9 फीसदी हिस्सेदारी है। Meta Platforms की सहयोगी कंपनी Jadoo Holdings के पास लगभग 9.98 फीसदी, जबकि Google International के पास करीब 7.73 फीसदी हिस्सेदारी बताई गई है।

इसके अलावा Saudi Arabia का Public Investment Fund, Silver Lake, Vista Equity Partners से जुड़ी संस्थाएं, General Atlantic, KKR समर्थित कंपनियां और Abu Dhabi Investment Authority से जुड़े निवेश वाहन भी जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश कर चुके हैं।

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