टेस्ट क्रिकेट में कई रिकॉर्ड ऐसे माने जाते हैं जिन्हें तोड़ना लगभग असंभव समझा जाता है। इन्हीं में से एक रिकॉर्ड महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar के सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने का ऐतिहासिक कीर्तिमान भी रहा है, जिसे लंबे समय तक अटूट माना गया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का महान रिकॉर्ड लंबे समय से भारतीय दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। लेकिन अब इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट इस उपलब्धि के बेहद करीब पहुंचते नजर आ रहे हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन और लंबे समय तक स्थिर फॉर्म ने उन्हें इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के संभावित दावेदारों की सूची में सबसे आगे ला दिया है।
रूट कितने करीब हैं सचिन के रिकॉर्ड के?
जो रूट अब तक टेस्ट क्रिकेट में 14075 रन बना चुके हैं। वहीं, सचिन तेंदुलकर के नाम 15921 टेस्ट रन का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है। इस लिहाज से रूट अभी भी 1876 रन पीछे हैं, लेकिन उनका हालिया प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि यह अंतर लंबे समय तक नहीं रह सकता। 2021 के बाद से रूट ने जिस निरंतरता के साथ रन बनाए हैं, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों को भी हैरान किया है। वह लगातार बड़ी पारियां खेल रहे हैं और इंग्लैंड के टेस्ट बल्लेबाजी क्रम की सबसे मजबूत कड़ी बने हुए हैं।
2028 में टूट सकता है रिकॉर्ड: नई भविष्यवाणी
स्काई स्पोर्ट्स की एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के अनुसार, जो रूट के सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावना 71.3 प्रतिशत आंकी गई है। यह आंकड़ा उनके मौजूदा फॉर्म, फिटनेस और भविष्य के टेस्ट कैलेंडर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और क्रिकेट विशेषज्ञ माइकल एथर्टन ने भी इस संभावना पर अपनी राय दी है। उनके अनुसार, यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो जो रूट वर्ष 2028 में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।
एथर्टन के मुताबिक, यह रिकॉर्ड या तो 2028 की गर्मियों में साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान टूट सकता है या फिर उसी साल भारत दौरे के अंतिम टेस्ट मैच में।
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रूट और सचिन के करियर में बड़ा अंतर
यदि यह रिकॉर्ड भारत में टूटता है, तो यह क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार क्षणों में से एक माना जाएगा। सचिन तेंदुलकर को भारतीय सरजमीं पर ही पछाड़ना क्रिकेट फैंस के लिए भावनात्मक रूप से भी बेहद खास घटना होगी। हालांकि दोनों बल्लेबाजों की तुलना आंकड़ों के आधार पर की जा रही है, लेकिन उनके करियर की प्रकृति में बड़ा अंतर है।
सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 200 टेस्ट और 463 वनडे मैच खेले, और वह टेस्ट तथा वनडे दोनों फॉर्मेट में लंबे समय तक विश्व क्रिकेट पर हावी रहे। उनके नाम 100 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वहीं, जो रूट का करियर अपेक्षाकृत टेस्ट क्रिकेट पर अधिक केंद्रित रहा है।
उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी खेला है, लेकिन वनडे और टी20 में उनकी भूमिका और भागीदारी सचिन की तुलना में कम रही है। रूट ने 2013 में वनडे डेब्यू किया था और अब तक 189 वनडे मैच खेले हैं, जबकि 2019 के बाद से उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है।










