जोधपुर पुलिस ने करोड़ों की धोखाधड़ी कर विदेश भागे ज्वेलर जनक सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और दुबई से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर लुकआउट नोटिस के आधार पर पकड़ लिया गया।
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर शहर में एक बड़े आर्थिक धोखाधड़ी मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें सरदारपुरा थाना पुलिस ने शातिर ज्वेलर जनक सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने लोगों को सोने-चांदी के व्यापार में भारी मुनाफा और उच्च रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पीड़ितों में उसके परिचित और बुजुर्ग निवेशक भी शामिल हैं, जिन्होंने विश्वास के आधार पर अपनी जीवनभर की पूंजी और पुश्तैनी जेवरात तक आरोपी को सौंप दिए थे।
पीड़ित सुरेश डोसी ने पुलिस में दर्ज कराए गए बयान में बताया कि उनकी स्वर्गीय माता द्वारा दिए गए करीब 1565.460 ग्राम वजन के एंटीक सोने के जेवरात उन्हें बेचने के लिए ज्वेलर जनक सोनी को सौंपे गए थे। इनमें सोने की रामनवमी, गजरा जोड़ी, कंदोरा, हथफूल, आड़ और चैन जैसे मूल्यवान आभूषण शामिल थे। आरोपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह इन जेवरातों को 5 प्रतिशत कमीशन पर अधिकतम छह महीने के भीतर जोधपुर या विदेश में अच्छे दामों पर बेचकर भुगतान कर देगा।
साजिश के तहत हड़पे गए पुश्तैनी गहने
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने भाई और पिता के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी। जुलाई 2022 में आरोपी पीड़ित के ऑफिस पहुंचा और गहनों को लेकर बाकायदा रसीद भी दी। कुछ समय तक वह भरोसा दिलाता रहा, लेकिन जब तय समय बीत गया तो उसने भुगतान नहीं किया। पीड़ित जब बार-बार पैसे मांगने पहुंचा तो आरोपी ने उसे टालना शुरू कर दिया।
इसके बाद आरोपी ने सुरक्षा के नाम पर दो खाली बैंक चेक भी दिए, जो किसी भी तरह से उपयोगी नहीं थे। नवंबर 2024 में जब पीड़ित दोबारा उसकी दुकान पर गया तो पाया कि आरोपी दुकान बंद कर अपने परिवार सहित फरार हो चुका है। यह पूरा मामला एक सुनियोजित आर्थिक धोखाधड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है।
दुबई भागकर बचने की कोशिश, लेकिन पुलिस ने किया ट्रैक
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मामला दर्ज होने से पहले ही आरोपी भारत छोड़कर दुबई भाग गया था। जैसे ही शिकायत दर्ज हुई, सरदारपुरा थाना पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया और तकनीकी निगरानी शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने उसके अंतरराष्ट्रीय मूवमेंट पर लगातार नजर रखी और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर उसकी वापसी का इंतजार किया। 30 जून 2026 को जैसे ही आरोपी दुबई से लौटकर दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, वहां पहले से तैनात पुलिस टीम ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
लालच और झूठे वादों से लोगों को बनाता था शिकार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का तरीका बेहद शातिर था। वह लोगों को सोने-चांदी के कारोबार में निवेश करने के लिए प्रेरित करता था और उन्हें असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का लालच देता था। कई मामलों में उसने लोगों को बाजार से ज्यादा ब्याज और जल्दी रिटर्न का झांसा दिया। इस धोखाधड़ी में न केवल आम नागरिक बल्कि उसके परिचित और बुजुर्ग निवेशक भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह एक संगठित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया।
कई थानों में दर्ज हैं 12 से अधिक मामले
जांच में यह भी सामने आया है कि जनक सोनी के खिलाफ जोधपुर कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में 12 से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। महामंदिर थाना क्षेत्र में भी उसके खिलाफ तीन बड़े आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने कई वर्षों तक इसी तरह की धोखाधड़ी की गतिविधियां चलाई हैं और उसके साथ अन्य लोग भी इस नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं। अब पुलिस उसकी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
पुलिस की विशेष टीम की बड़ी सफलता
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व सरदारपुरा थाना प्रभारी जयकिशन सोनी ने किया। विशेष टीम में उपनिरीक्षक विश्राम, सहायक उपनिरीक्षक व जांच अधिकारी ओपाराम, हेड कांस्टेबल प्रहलाद, कांस्टेबल रमेश और राजाराम शामिल थे। टीम ने तकनीकी सर्विलांस, इंटेलिजेंस इनपुट और एयरपोर्ट कोऑर्डिनेशन के जरिए इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी आर्थिक अपराधों के खिलाफ बड़ी सफलता है और इससे अन्य पीड़ितों को भी न्याय मिलने की उम्मीद है।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने कुल कितने लोगों को ठगा है और कितनी राशि का नुकसान हुआ है। पुलिस को यह भी आशंका है कि आरोपी ने विदेश में भी अपनी संपत्तियां बनाई हो सकती हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।












