जोधपुर के बालेसर में भारतमाला एक्सप्रेसवे पर दो पिकअप की जोरदार भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि शव केबिन में फंस गए। दोनों गाड़ियां हिसार से सांचौर जा रही थीं। पुलिस ने क्रेन से शव बाहर निकलवाए।
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले में अमृतसर-जामनगर भारतमाला एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बालेसर थाना क्षेत्र के आगोलाई के पास दो पिकअप वाहनों की जोरदार भिड़ंत में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि मृतकों के शव वाहन के केबिन में बुरी तरह फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी।
पुलिस के अनुसार, दोनों पिकअप हरियाणा के हिसार से राजस्थान के सांचौर की ओर जा रही थीं। दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और हाईवे एंबुलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
आगोलाई के पास हुआ भीषण हादसा
यह दुर्घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे अमृतसर-जामनगर भारतमाला एक्सप्रेसवे पर आगोलाई गांव के निकट हुई। जानकारी के मुताबिक, एक पिकअप वाहन में कृषि यंत्र भरे हुए थे, जबकि दूसरी पिकअप में लॉकर और भारी सामान लदा हुआ था।
बताया जा रहा है कि पीछे चल रही कृषि यंत्रों से भरी पिकअप अचानक आगे चल रही पिकअप से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि पीछे वाले वाहन का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
आगे चल रही पिकअप में भारी सामान होने के कारण वह वहीं रुक गई, लेकिन उसका अगला हिस्सा भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।
दो युवकों की मौके पर मौत
हादसे में पीछे वाली पिकअप में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान हरियाणा के कालावाली निवासी रणजीत सिंह (25) पुत्र लाब सिंह और रेशम (28) पुत्र मयंक सिंह के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों युवक वाहन के केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और उन्हें बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया था।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग एंबुलेंस सेवा को हादसे की सूचना दी।
क्रेन की मदद से निकाले गए शव
बालेसर थाना पुलिस और हाईवे एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को काटने और केबिन में फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए क्रेन और अन्य उपकरणों की मदद ली।
काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकालकर बालेसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया, जहां उन्हें मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लगा जाम
दुर्घटना के बाद भारतमाला एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
आगोलाई पुलिस चौकी इंचार्ज मांगीलाल विश्नोई और बालेसर थाना पुलिस ने स्थिति संभाली और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को फिर से सुचारू कराया।
पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
हिसार से सांचौर जा रही थीं दोनों गाड़ियां
बालेसर थाना प्रभारी मूलसिंह भाटी के अनुसार, दोनों पिकअप हरियाणा के हिसार से राजस्थान के सांचौर जा रही थीं।
एक वाहन में कृषि उपकरण लदे हुए थे, जबकि दूसरी पिकअप में भारी लॉकर रखे हुए थे। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और अचानक ब्रेक लगने के कारण यह दुर्घटना हुई हो सकती है।
हालांकि पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है।
सड़क हादसों को लेकर बढ़ी चिंता
इस दुर्घटना ने एक बार फिर भारत में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और हाईवे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
भारत में एक्सप्रेसवे और हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हर साल हजारों लोग सड़क हादसों का शिकार होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी के परिवहन में थकान, तेज गति और भारी वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी न बनाए रखना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर चलने वाले भारी वाहनों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा नियमों और नियमित निगरानी की आवश्यकता है।
भारतमाला परियोजना और बढ़ता यातायात
अमृतसर-जामनगर भारतमाला एक्सप्रेसवे भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना का उद्देश्य देशभर में तेज और बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।
हालांकि सड़क नेटवर्क के विस्तार के साथ हाईवे पर यातायात भी तेजी से बढ़ा है। भारी ट्रक, पिकअप और मालवाहक वाहन लगातार इन मार्गों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक हाईवे के साथ मजबूत ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क सुरक्षा जागरूकता बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा के सवाल
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भी एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई वाहन चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
कुछ लोगों ने हाईवे पर अतिरिक्त चेतावनी संकेत, स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम और आपातकालीन सहायता सेवाओं को और मजबूत करने की मांग की।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, हाईवे पर चलते समय कुछ बुनियादी सावधानियां कई जानें बचा सकती हैं। इनमें वाहन की गति नियंत्रित रखना, पर्याप्त दूरी बनाए रखना, थकान की स्थिति में ड्राइविंग से बचना और नियमित वाहन जांच शामिल हैं।
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि भारी मालवाहक वाहनों के चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए।











