JPSC मेधा घोटाले में CID की बड़ी कार्रवाई, झारखंड समेत कई राज्यों में 15 ठिकानों पर छापेमारी

JPSC मेधा घोटाले की जांच में CID ने झारखंड समेत कई राज्यों के 15 ठिकानों पर छापेमारी की। जानें कार्रवाई, जांच की वजह और अब तक की बड़ी अपडेट।

JPSC मेधा घोटाले की जांच में CID ने झारखंड और अन्य राज्यों के 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। कार्रवाई परीक्षा से जुड़े कथित दलालों और परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े स्थानों पर की जा रही है।

रांची: JPSC मेधा घोटाले की जांच में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड समेत अन्य राज्यों के 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई परीक्षा से जुड़े कथित दलालों और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े ठिकानों पर की जा रही है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इस अभियान से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं।

JPSC मेधा घोटाले की जांच में CID की बड़ी कार्रवाई

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) मेधा घोटाले की जांच में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। जांच एजेंसी ने झारखंड सहित अन्य राज्यों के कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े लोगों और परीक्षा संचालन से संबंधित एजेंसी के खिलाफ चल रही जांच के तहत की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस छापेमारी से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मिल सकते हैं, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

झारखंड के कई जिलों में एक साथ दी गई दबिश

CID की टीमों ने रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद सहित झारखंड के कई जिलों में एक साथ कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा दूसरे राज्यों में भी चिन्हित स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसी पिछले कई दिनों से इस मामले में लगातार सूचनाएं जुटा रही थी। विभिन्न स्रोतों से मिले इनपुट और तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध ठिकानों की पहचान की गई, जिसके बाद एक साथ कार्रवाई का फैसला लिया गया।

दलालों और परीक्षा एजेंसी के ठिकाने जांच के दायरे में

CID की यह कार्रवाई मुख्य रूप से उन कथित दलालों पर केंद्रित है, जिन पर JPSC परीक्षा में गड़बड़ी कराने और अभ्यर्थियों से संपर्क रखने का आरोप है। इसके अलावा परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) से संबंधित ठिकानों की भी तलाशी ली जा रही है। जांच अधिकारी दस्तावेज, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच कर रहे हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता या अवैध लेनदेन के प्रमाण मिल सकें।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी काफी समय से इस मामले में साक्ष्य एकत्र कर रही थी। प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे इनपुट मिले थे, जिनके आधार पर यह व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक किसी गिरफ्तारी या बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।

जांच में सामने आ सकते हैं नए खुलासे

CID अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के बाद मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित मेधा घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका रही और परीक्षा प्रक्रिया को किस तरह प्रभावित किया गया।

फिलहाल कार्रवाई जारी, आधिकारिक अपडेट का इंतजार

छापेमारी की कार्रवाई फिलहाल जारी है और CID की टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारी अभी विस्तृत जानकारी साझा करने से बच रहे हैं। माना जा रहा है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद जांच एजेंसी आधिकारिक बयान जारी करेगी, जिसमें बरामद दस्तावेजों, संभावित गिरफ्तारियों और आगे की कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।

JPSC मेधा घोटाले से जुड़ा यह मामला लंबे समय से चर्चा में है और अभ्यर्थियों के बीच भी इसे लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में CID की यह बड़ी कार्रवाई जांच को नई दिशा दे सकती है। यदि छापेमारी के दौरान ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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