रांची में 24 दिन से जारी छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सहमत हुई है। TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की CID जांच होगी और जांच 90 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य है।
रांची: JPSC Protest के बीच झारखंड सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। सरकार 14वीं संयुक्त JPSC परीक्षा रद्द करने के लिए तैयार है। इसके अलावा TDPL द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं की जांच CID से कराने का फैसला लिया गया है। मंत्री दीपिका पांडेय के अनुसार जांच 90 दिनों में पूरी करने का प्रयास होगा और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसी से जांच के लिए भी पत्र लिखा जाएगा।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सरकार सहमत
रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 24 दिनों से छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है। लगातार विरोध के बाद सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनी है।

झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय ने बताया कि 14वीं संयुक्त JPSC परीक्षा को रद्द करने पर सरकार सहमत है। उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों पर सरकार लगातार बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।
TDPL की सभी परीक्षाओं की CID जांच
सरकार ने TDPL कंपनी द्वारा आयोजित परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में रखने का फैसला किया है। इनमें JSSC-CGL समेत TDPL के माध्यम से आयोजित अन्य परीक्षाएं शामिल हैं।
इन परीक्षाओं की जांच राज्य सरकार की जांच एजेंसी CID करेगी। सरकार ने यह भी कहा है कि यदि किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच की आवश्यकता महसूस होती है, तो संबंधित केंद्रीय एजेंसी को पत्र भेजा जाएगा।
JSSC-CGL के मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देशों का भी हवाला दिया। मंत्री के अनुसार, परीक्षा के परिणाम घोषित हो चुके हैं और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी दी जा चुकी है। ऐसे में इस मामले में आगे की कार्रवाई कानूनी स्थिति को ध्यान में रखकर की जाएगी।
90 दिनों में जांच पूरी करने का लक्ष्य
सरकार ने जांच प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि सरकार की कोशिश होगी कि जांच 90 दिनों के भीतर पूरी हो।
JSSC-CGL जांच की निगरानी न्यायिक कमेटी से कराने की बात भी कही गई है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जरूरत के अनुसार फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मामले में जल्द न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पेपर लीक रोकने के लिए सुधारों पर जोर
सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
मंत्री के अनुसार, वर्ष 2023 में पारित विधेयक के प्रावधानों के जरिए पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद अब सभी की नजर सरकार के फैसलों को लागू करने और जांच की आगे की कार्रवाई पर है।











