झुंझुनूं के 19 निकायों में वार्ड आरक्षण लॉटरी, 555 वार्डों की तस्वीर साफ

झुंझुनूं जिले के 19 नगरीय निकायों में 555 वार्डों की आरक्षण लॉटरी पूरी हो गई। इनमें 84 SC, 2 ST, 110 OBC और 359 वार्ड ओपन रखे गए है। 180 वार्ड महिलाओं के लिए

झुंझुनूं जिले के 19 नगरीय निकायों में 555 वार्डों की आरक्षण लॉटरी पूरी हो गई। इनमें 84 SC, 2 ST, 110 OBC और 359 वार्ड ओपन रखे गए हैं। कुल 180 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।

झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में आगामी नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों के तहत सोमवार को 19 नगरीय निकायों के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। जिला मुख्यालय पर सुबह 11 बजे शुरू हुई प्रक्रिया करीब साढ़े चार घंटे चली। लॉटरी के बाद जिले के 555 वार्डों में विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई है। जिले में एक नगर परिषद और 18 नगर पालिकाएं शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 555 वार्डों में 84 वार्ड अनुसूचित जाति (SC), 2 वार्ड अनुसूचित जनजाति (ST) और 110 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं 359 वार्ड सामान्य यानी ओपन श्रेणी में रखे गए हैं। इन श्रेणियों में कुल 180 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।

झुंझुनूं नगर परिषद में 60 वार्ड

झुंझुनूं नगर परिषद जिले की सबसे बड़ी नगरीय इकाई है, जहां कुल 60 वार्ड हैं। सोमवार को हुई आरक्षण लॉटरी में सामान्य महिला वर्ग के लिए 14 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। इनमें वार्ड संख्या 1, 3, 8, 12, 16, 17, 19, 23, 24, 29, 33, 36, 39 और 58 शामिल हैं।

अनुसूचित जाति के सामान्य वर्ग के लिए वार्ड संख्या 27, 30, 32, 54 और 55 आरक्षित किए गए हैं। इस प्रक्रिया के बाद स्थानीय स्तर पर संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की चुनावी रणनीति पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है।

सभापति पद के आरक्षण की लॉटरी पहले ही 13 अगस्त को निकाली जा चुकी है। झुंझुनूं नगर परिषद का सभापति पद इस बार अनारक्षित यानी ओपन रखा गया है। इसका मतलब है कि किसी भी वर्ग का पात्र उम्मीदवार इस पद के लिए चुनाव लड़ सकता है।

चिड़ावा में 45 वार्डों का आरक्षण

चिड़ावा नगर पालिका में कुल 45 वार्ड हैं। आरक्षण के तहत 8 वार्ड अनुसूचित जाति, 9 वार्ड OBC और 28 वार्ड सामान्य ओपन श्रेणी में रखे गए हैं।

SC श्रेणी के आठ वार्डों में पांच सामान्य और तीन महिला वार्ड हैं। OBC के नौ वार्डों में छह सामान्य और तीन महिला वार्ड निर्धारित किए गए हैं। वहीं सामान्य ओपन श्रेणी के 28 वार्डों में 19 पुरुष और नौ महिला वार्ड शामिल हैं।

चिड़ावा में अनुसूचित जनजाति के लिए कोई वार्ड आरक्षित नहीं किया गया है।

पिलानी में 35 वार्डों की स्थिति

पिलानी नगर पालिका में कुल 35 वार्ड हैं। यहां सात वार्ड SC, सात OBC और 21 वार्ड सामान्य ओपन श्रेणी के लिए आरक्षित किए गए हैं।

SC श्रेणी के सात वार्डों में पांच सामान्य और दो महिला वार्ड हैं। OBC के सात वार्डों में पांच सामान्य और दो महिला वार्ड शामिल हैं। सामान्य ओपन श्रेणी के 21 वार्डों में 14 पुरुष और सात महिला वार्ड रखे गए हैं।

पिलानी में भी ST वर्ग के लिए कोई वार्ड आरक्षित नहीं किया गया है।

बिसाऊ में SC और ST को भी आरक्षण

बिसाऊ नगर पालिका के कुल 25 वार्डों में दो SC, एक ST, पांच OBC और 17 वार्ड सामान्य ओपन श्रेणी में रखे गए हैं।

SC के दो वार्डों में एक सामान्य और एक महिला के लिए आरक्षित है। ST के लिए एक वार्ड सामान्य श्रेणी में रखा गया है। OBC के पांच वार्डों में तीन सामान्य और दो महिला वार्ड शामिल हैं।

वहीं सामान्य ओपन श्रेणी के 17 वार्डों में 11 पुरुष और छह महिला वार्ड निर्धारित किए गए हैं। इस तरह बिसाऊ में विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण की स्पष्ट व्यवस्था की गई है।

सुल्ताना में वार्ड आरक्षण की स्थिति

सुल्ताना नगर पालिका में भी लॉटरी प्रक्रिया के जरिए आरक्षित वार्डों की तस्वीर सामने आ गई। SC वर्ग के लिए दो वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड संख्या 21 SC ओपन और वार्ड संख्या 20 SC महिला के लिए निर्धारित है।

OBC वर्ग के लिए पांच वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड 8, 3 और 24 OBC ओपन, जबकि वार्ड 11 और 25 OBC महिला के लिए रखे गए हैं।

सामान्य महिला वर्ग में वार्ड 2, 10, 18, 12, 14 और 5 आरक्षित किए गए हैं। शेष वार्ड 13, 15, 19, 4, 7, 22, 6, 9, 17, 23, 1 और 16 सामान्य ओपन श्रेणी में रहेंगे।

लॉटरी प्रक्रिया में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद

आरक्षण लॉटरी के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रक्रिया के दौरान वार्डवार आरक्षण की जानकारी सामने आने के साथ ही संभावित प्रत्याशियों के बीच चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

लॉटरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत कराई गई। वार्डों की आरक्षण स्थिति सामने आने के बाद अब राजनीतिक दलों के सामने अपने संभावित उम्मीदवारों के चयन की चुनौती भी बढ़ गई है।

जिला कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों को दिया सहयोग का भरोसा

लॉटरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित लोगों से कहा कि प्रशासन उनकी आवश्यक सहायता के लिए उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक सहायता की जरूरत हो तो संबंधित अधिकारी और प्रशासन सहयोग करेंगे।

करीब साढ़े चार घंटे चली प्रक्रिया के दौरान जिले के अलग-अलग नगरीय निकायों में वार्ड आरक्षण की जानकारी क्रमवार सामने आई। इससे चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों को अपने वार्ड की स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

19 निकायों में चुनावी समीकरण बदलने की संभावना

झुंझुनूं जिले के 19 नगरीय निकायों में वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है। किसी वार्ड के महिला या आरक्षित श्रेणी में चले जाने से वहां चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है।

विशेष रूप से उन वार्डों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जहां आरक्षण की श्रेणी में बदलाव हुआ है। राजनीतिक दल अब आरक्षित वर्ग के उपयुक्त उम्मीदवारों की तलाश के साथ-साथ सामान्य और महिला वार्डों में भी मजबूत दावेदारों को लेकर मंथन कर सकते हैं।

सभापति और पालिकाध्यक्ष पदों की तस्वीर पहले ही साफ

वार्ड आरक्षण से पहले ही 13 अगस्त को नगरीय निकायों के प्रमुख पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जा चुकी है। झुंझुनूं नगर परिषद का सभापति पद अनारक्षित ओपन रखा गया है। इससे जिले के प्रमुख शहरी निकाय में विभिन्न वर्गों के उम्मीदवारों के लिए राजनीतिक अवसर खुले रहेंगे।

अब वार्डों का आरक्षण भी स्पष्ट होने के बाद नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों का अगला चरण शुरू होगा। राजनीतिक दल बूथ स्तर से लेकर वार्ड स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर सकते हैं।

अब चुनावी तैयारियों पर बढ़ेगा जोर

आरक्षण लॉटरी पूरी होने के साथ ही झुंझुनूं जिले के शहरी क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियों के बढ़ने की संभावना है। संभावित उम्मीदवार अपने-अपने वार्ड में मतदाताओं के बीच संपर्क बढ़ा सकते हैं, जबकि राजनीतिक दल सामाजिक समीकरणों और स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।

555 वार्डों की आरक्षण स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब सभी की नजर चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा पर रहेगी। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और राजनीतिक स्तर पर संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।

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