JSSC-CGL विवाद पर राहुल गांधी के कथित गुप्त पत्र को लेकर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल

JSSC-CGL विवाद के बीच बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे कथित पत्र पर सवाल उठाए। उन्होंने पत्र सार्वजनिक करने की मांग की।

रांची में JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे कथित पत्र पर सवाल उठाए और पत्र सार्वजनिक करने की मांग की।

रांची: JSSC-CGL विवाद को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। मरांडी ने पत्र की गोपनीयता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी से झारखंड के छात्रों के सामने अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।

गुप्त पत्र को लेकर बाबूलाल मरांडी का सवाल

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे गए कथित पत्र की जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने पर सवाल उठाया।

मरांडी का कहना है कि उन्हें मीडिया के माध्यम से राहुल गांधी के पत्र की जानकारी मिली है। उन्होंने सवाल किया कि अगर पत्र छात्रों की समस्याओं के समाधान से जुड़ा है तो इसे गोपनीय रखने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को भी पत्र की जानकारी नहीं है।

JSSC-CGL परीक्षा को लेकर लगाए गंभीर आरोप

बाबूलाल मरांडी ने अपने बयान में JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की ओर से लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की जा रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर भी निशाना साधा और परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े कई सवाल उठाए। हालांकि, मरांडी की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए हैं और उपलब्ध जानकारी में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

मरांडी ने राहुल गांधी से इस पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस नेता देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते हैं, तो झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर पत्र के जरिए बातचीत को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है।

छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

झारखंड में JSSC-CGL समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जैसी मांगें उठा रहे हैं।

इसी बीच सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है। छात्र संगठनों की मांगों को लेकर भाजपा लगातार सरकार को घेर रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की गई है।

ऐसे माहौल में राहुल गांधी के कथित पत्र को लेकर बाबूलाल मरांडी का बयान झारखंड की राजनीति में नया मुद्दा बन गया है। अब निगाह इस बात पर है कि कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से पत्र और मरांडी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

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