कानपुर में 5 फीट गहरे खुले सीवर में बाइक समेत गिरा डिलीवरी ब्वॉय, CCTV में कैद हुआ खौफनाक हादसा

कानपुर के जाजमऊ में रात के अंधेरे में डिलीवरी ब्वॉय बाइक समेत खुले सीवर के गहरे गड्ढे में गिर गया। हेलमेट से जान बची, CCTV में हादसा कैद हुआ।
कानपुर में 5 फीट गहरे खुले सीवर में बाइक समेत गिरा डिलीवरी ब्वॉय, CCTV में कैद हुआ खौफनाक हादसा
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में सड़क पर खुले पड़े गहरे गड्ढे ने एक डिलीवरी ब्वॉय की जान को खतरे में डाल दिया। जाजमऊ के हिंदुस्तान कंपाउंड के पास मंगलवार देर रात डिलीवरी ब्वॉय बाइक से जा रहा था। सड़क पर अंधेरा था और सामने करीब पांच फीट गहरा खुला गड्ढा मौजूद था। युवक को यह गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह बाइक समेत सीधे उसमें जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका फुटेज सामने आने के बाद सड़क की सुरक्षा व्यवस्था और खुले गड्ढे को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार देर रात करीब 12:30 बजे की है। डिलीवरी ब्वॉय बाइक से पुल की तरफ से आ रहा था। वह अपना काम पूरा करके आगे बढ़ रहा था, इसी दौरान हिंदुस्तान कंपाउंड की सड़क पर खुले पड़े गड्ढे के पास पहुंचा। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण उसे सड़क पर मौजूद खतरा नजर नहीं आया। जैसे ही बाइक गड्ढे के ऊपर पहुंची, वह बाइक समेत उसके अंदर जा गिरा। हादसे में बाइक उसके ऊपर भी आ गई थी। युवक की चीख सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गड्ढा काफी गहरा था और सड़क पर कोई ऐसी स्पष्ट बैरिकेडिंग या चेतावनी नहीं थी, जिससे रात में आने-जाने वाले लोगों को खतरे का अंदाजा हो सके। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने काफी मशक्कत कर युवक को गड्ढे से बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। बाद में परिजन उसे रामादेवी स्थित दूसरे अस्पताल लेकर गए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार युवक घायल हुआ है और उसकी नाक की हड्डी टूटने की जानकारी सामने आई है।

इस हादसे में युवक का हेलमेट पहनना महत्वपूर्ण साबित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, डिलीवरी ब्वॉय ने हेलमेट लगाया हुआ था। गड्ढे में बाइक समेत गिरने के बावजूद उसके सिर में गंभीर चोट नहीं आई। हादसे का CCTV फुटेज देखने पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि घटना कितनी अचानक हुई। फुटेज में बाइक सवार सड़क से गुजरता दिखाई देता है और कुछ ही क्षण बाद बाइक समेत खुले गड्ढे में चला जाता है। घटना के बाद आसपास के लोग उसकी मदद के लिए दौड़ते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा अचानक हादसे से ठीक पहले नहीं बना था, बल्कि काफी समय से सड़क पर मौजूद था। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब दो सप्ताह पहले इलाके में सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसके बाद सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया था। संबंधित कर्मचारियों ने लाइन की मरम्मत तो कर दी, लेकिन मरम्मत के बाद सड़क को पहले की स्थिति में नहीं लाया गया। गड्ढे को भरने और सड़क को सुरक्षित बनाने का काम समय पर नहीं होने के कारण वहां से गुजरने वाले लोगों के लिए लगातार खतरा बना रहा।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क के नीचे टेनरी वेस्ट की लाइन भी पड़ी हुई है। बताया गया कि यह लाइन संकरी थी और इससे आसपास गंदा पानी भरने की समस्या रहती थी। इसी लाइन के जरिए टेनरियों से निकलने वाला अपशिष्ट जटेटा के बाजिदपुर स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट यानी CETP तक पहुंचाया जाता है। पिछले महीने लाइन टूटने के बाद सड़क पर गड्ढा बनने की बात स्थानीय लोगों ने कही है। उनके मुताबिक, करीब 15 दिन पहले लाइन में चौड़ा पाइप डालकर मरम्मत की गई, लेकिन सड़क पर बना गड्ढा उसी तरह छोड़ दिया गया।

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी शिकायत सड़क पर रोशनी की व्यवस्था को लेकर है। बताया गया कि आसपास बिजली के पोल तो हैं, लेकिन पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात में सड़क पर अंधेरा होने के कारण गड्ढा दूर से दिखाई नहीं देता। ऐसे में बाइक, स्कूटी या पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए यह जगह लगातार खतरा बनी हुई थी। लोगों का दावा है कि इससे पहले भी बाइक सवार और अन्य राहगीर इस गड्ढे में गिरकर चोटिल हो चुके हैं।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। उनका कहना है कि किसी भी सीवर या सड़क की मरम्मत के दौरान केवल पाइप या लाइन को ठीक करना पर्याप्त नहीं है। जब तक सड़क को दोबारा सुरक्षित तरीके से बंद नहीं किया जाता और आसपास बैरिकेडिंग नहीं की जाती, तब तक उस स्थान पर हादसे का खतरा बना रहता है। खासकर रात के समय किसी खुले गड्ढे के आसपास चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड और पर्याप्त रोशनी होना जरूरी है।

CCTV फुटेज सामने आने के बाद इस घटना ने सड़क सुरक्षा से जुड़े सवालों को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में दिखाई देता है कि डिलीवरी ब्वॉय सामान्य गति से सड़क पर आगे बढ़ रहा था। उसे अंदाजा नहीं था कि कुछ ही दूरी पर सड़क का बड़ा हिस्सा खुला हुआ है। बाइक जैसे ही गड्ढे के पास पहुंचती है, वह अचानक नीचे चली जाती है और युवक भी उसके साथ गड्ढे में गिर जाता है। हादसे के बाद युवक की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचते हैं।

डिलीवरी का काम करने वाले लोगों के लिए रात में सड़क पर लगातार आवाजाही करना काम का हिस्सा है। उन्हें अलग-अलग इलाकों में ग्राहकों तक सामान या खाना पहुंचाने के लिए ऐसे रास्तों से भी गुजरना पड़ता है जिनकी स्थिति हर समय सुरक्षित नहीं होती। इस घटना में भी युवक रात के समय डिलीवरी के सिलसिले में निकला था। अंधेरे में खुले गड्ढे का दिखाई नहीं देना हादसे की बड़ी वजह के तौर पर स्थानीय लोगों ने बताया है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क पर मौजूद गड्ढे को तत्काल पूरी तरह भरा जाए, सड़क की मरम्मत की जाए और वहां पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। उनका कहना है कि यदि किसी कारण से गड्ढा तत्काल नहीं भरा जा सकता, तो कम से कम उसके चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए, ताकि रात में गुजरने वाले लोगों को पहले से खतरे की जानकारी मिल सके।

हादसे के बाद क्षेत्रीय पार्षद फखर इकबाल ने गड्ढे में मिट्टी भरवाकर उसे पाटने और बैरिकेडिंग कराने की जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, पार्षद ने कहा कि दो दिनों में चैंबर का पूरा काम कराया जाएगा। इससे फिलहाल वहां से गुजरने वाले लोगों के लिए खतरा कम होने की उम्मीद है। हालांकि, स्थानीय लोग सड़क और प्रकाश व्यवस्था को भी स्थायी रूप से ठीक कराने की मांग कर रहे हैं।

यह घटना यह भी दिखाती है कि सड़क की छोटी-सी लापरवाही कितनी गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है। अगर कोई व्यक्ति रात में बाइक या पैदल उस रास्ते से गुजर रहा हो और उसे खुले गड्ढे का पता न चले, तो कुछ सेकंड में बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए ऐसे स्थान ज्यादा खतरनाक होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर पहले से मौजूद खतरे को समय रहते दूर करना जरूरी है, ताकि किसी और व्यक्ति को अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।

इस मामले में सबसे राहत की बात यह रही कि हादसा जानलेवा साबित नहीं हुआ। युवक समय रहते लोगों की मदद से गड्ढे से बाहर निकाल लिया गया और अस्पताल पहुंचाया गया। हेलमेट होने की वजह से सिर में गंभीर चोट से बचाव भी हुआ। लेकिन हादसे की तस्वीर और CCTV फुटेज ने सड़क पर खुले गड्ढे की गंभीरता को सामने ला दिया है। एक तरफ बाइक और युवक गड्ढे में गिरते दिखाई देते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ ही क्षण में आसपास के लोग मदद के लिए पहुंच जाते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद सड़क को खुला छोड़ना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। यदि किसी तकनीकी कारण से सड़क को तुरंत बंद करना संभव नहीं हो तो वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए। रात के समय ऐसी जगह पर रिफ्लेक्टर, बैरिकेड, चेतावनी संकेत और रोशनी का इंतजाम दुर्घटना की संभावना को काफी कम कर सकता है।

फिलहाल इस हादसे के बाद गड्ढे को पाटने और बैरिकेड लगाने की कार्रवाई की गई है। आगे चैंबर का काम पूरा होने और सड़क को व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त किए जाने की बात कही गई है। स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि सड़क की स्थायी मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था कब तक ठीक होती है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि शहर में सीवर और सड़क मरम्मत के बाद खुले स्थानों को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी किस तरह और कितनी तेजी से निभाई जाती है।

कानपुर के जाजमऊ में हुआ यह हादसा फिलहाल एक घायल डिलीवरी ब्वॉय तक सीमित घटना नजर आ सकता है, लेकिन खुले गड्ढे और अंधेरे की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायतें बताती हैं कि खतरा सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं था। यदि समय रहते गड्ढे को बंद या सुरक्षित नहीं किया जाता, तो वहां से गुजरने वाला कोई भी बाइक सवार, पैदल राहगीर या बच्चा इसकी चपेट में आ सकता था। CCTV में कैद यह घटना अब इलाके में सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को लेकर जिम्मेदार विभागों के सामने एक गंभीर सवाल के रूप में देखी जा रही है।

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