कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की लिंगसुगुर-बल्लारी पदयात्रा शुक्रवार को चौथे दिन में पहुंचकर करीब 22 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद कोप्पल जिले के करटगी में समाप्त हुई। BJP प्रदेश अध्यक्ष B.Y. विजयेंद्र ने इस दौरान कांग्रेस सरकार की ‘पांच गारंटी’ योजना और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर सवाल उठाए।
बेंगलुरु: भारतीय जनता पार्टी की लिंगसुगुर-बल्लारी पदयात्रा का चौथा दिन शुक्रवार को पूरा हुआ। सुबह शुरू हुई यात्रा ने लगभग 22 किलोमीटर की दूरी तय की और इसके बाद कर्नाटक के कोप्पल जिले के करटगी में दिन का पड़ाव हुआ। पदयात्रा में BJP के नेता, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। पार्टी की ओर से आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य कर्नाटक से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सामने रखना और कांग्रेस सरकार की नीतियों तथा शासन व्यवस्था को लेकर BJP की चिंताओं को उठाना है। दिन की शुरुआत कृष्णाष्टमी के अवसर पर गौ पूजा के साथ हुई। इसके बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा में हिस्सा लिया।
विजयेंद्र ने ‘पांच गारंटी’ को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला
पदयात्रा के दौरान BJP के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक B.Y. विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी ‘पांच गारंटी’ के प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है, जबकि गरीबों, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
विजयेंद्र ने दावा किया कि कई जरूरतमंद लोगों को महीनों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि गरीबों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग लोगों को बुनियादी सामाजिक सुरक्षा लाभ हासिल करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह ‘पांच गारंटी’ को लेकर बनी अपनी राजनीतिक छवि पर अधिक निर्भर है। हालांकि, ये सभी दावे विजयेंद्र द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मुद्दा उठा
विजयेंद्र ने पदयात्रा के दौरान सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे लोग भी हैं जिन्हें नियमित पेंशन जैसी बुनियादी सहायता समय पर नहीं मिल पा रही है।
उनके अनुसार, सरकार को प्रचार से आगे बढ़कर उन वर्गों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए जो आर्थिक और सामाजिक रूप से अधिक कमजोर हैं।
BJP ने पदयात्रा के जरिए राज्य के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, रोजगार, कृषि तथा सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की है।
किसान से कृषि मशीनरी पर चर्चा
पदयात्रा के दौरान विजयेंद्र ने किसानों से भी बातचीत की। उन्होंने एक किसान द्वारा लाई गई नई धान कटाई मशीन का उद्घाटन किया। इस दौरान किसानों के साथ कृषि में मशीनीकरण और खेती से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गई।
कृषि क्षेत्र में मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल को किसानों के लिए काम आसान करने और खेती की उत्पादकता से जोड़कर देखा जाता है। पदयात्रा के दौरान BJP नेताओं ने किसानों की स्थानीय समस्याओं को समझने और उन्हें राजनीतिक मंच पर उठाने पर जोर दिया।
किसानों के साथ बातचीत के दौरान कृषि क्षेत्र की व्यावहारिक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। BJP ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों से जुड़े मुद्दों को राज्य की राजनीति में प्रमुखता देने की बात कही।
APMC कारोबारियों ने लाइसेंस और ऋण से जुड़ी समस्याएं बताईं
सिंधनूर के पास विजयेंद्र ने कृषि उपज बाजार समिति यानी APMC के कारोबारियों के साथ बातचीत की। व्यापारियों ने दुकानों और साइटों के हस्तांतरण से जुड़े अतिरिक्त शुल्क समेत कई समस्याएं उनके सामने रखीं।
कारोबारियों ने लाइसेंसिंग, दस्तावेजीकरण, बैंक ऋण तक पहुंच और ऊंची ब्याज दर वाले कर्ज से संबंधित मुद्दों की जानकारी दी।
विजयेंद्र ने व्यापारियों की समस्याओं को सुना और उनसे जुड़े मुद्दों को राज्य विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया। इस बातचीत को BJP की पदयात्रा के दौरान स्थानीय कारोबारियों और कृषि बाजार से जुड़े लोगों के साथ सीधे संवाद की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा गया।
सब्जी मंडी की सुविधाओं पर भी चर्चा
विजयेंद्र ने देवराज उर्स वेजिटेबल मार्केट में बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी जायजा लिया। यहां पेयजल, शौचालय, स्वच्छता और पार्किंग जैसी सुविधाओं से संबंधित कमियों का मुद्दा सामने आया।
स्थानीय व्यापारियों ने बाजार में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई। विजयेंद्र ने उनकी समस्याओं को सुना और कहा कि इन मुद्दों को राज्य विधानसभा में उठाया जाएगा।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के बाजारों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति स्थानीय व्यापार और किसानों दोनों को प्रभावित कर सकती है। BJP ने पदयात्रा के दौरान ऐसे स्थानीय मुद्दों को भी अपने राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाया।
कल्याण कर्नाटक में डॉक्टर और शिक्षकों की कमी का मुद्दा
B.Y. विजयेंद्र ने कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों और शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की कमी और रोजगार के सीमित अवसरों का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार उपलब्ध नहीं होने के कारण युवाओं को बेहतर अवसरों की तलाश में बेंगलुरु और दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रवृत्ति को कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करना जरूरी है।
स्थानीय उद्योग और कौशल विकास में निवेश की मांग
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कल्याण कर्नाटक में रोजगार बढ़ाने के लिए स्थानीय उद्योगों में अधिक निवेश की जरूरत बताई। उन्होंने कृषि-प्रसंस्करण इकाइयों, छोटे उद्यमों और कौशल विकास केंद्रों को बढ़ावा देने की वकालत की।
उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर विकसित होने से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम मिल सकता है। इससे बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन को भी कम किया जा सकता है।
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में एग्रो-प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा देने से किसानों और स्थानीय कारोबारियों दोनों के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। विजयेंद्र ने इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
BJP की पदयात्रा का राजनीतिक उद्देश्य
लिंगसुगुर-बल्लारी पदयात्रा के जरिए BJP राज्य सरकार की नीतियों और शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर रही है। यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं ने किसानों, व्यापारियों और ग्रामीण समुदायों के साथ संवाद किया।
चौथे दिन की गतिविधियों में सामाजिक सुरक्षा, कृषि मशीनीकरण, APMC कारोबारियों की समस्याएं, बाजार की बुनियादी सुविधाएं, स्वास्थ्य-शिक्षा व्यवस्था और ग्रामीण रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
BJP की ओर से उठाए गए इन मुद्दों में सरकार की ‘पांच गारंटी’ योजनाओं पर राजनीतिक हमला भी शामिल रहा। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि इन योजनाओं के प्रचार के बीच राज्य के कमजोर वर्गों की अन्य बुनियादी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
आगे भी जारी रहेगा मुद्दों को उठाने का अभियान
चौथे दिन की पदयात्रा के दौरान BJP ने स्थानीय स्तर की समस्याओं को अपने व्यापक राजनीतिक अभियान से जोड़ने का प्रयास किया। पार्टी नेताओं ने किसानों और व्यापारियों से संवाद कर उनकी शिकायतों को समझने तथा विधानसभा में उठाने की बात कही।
विजयेंद्र के बयानों से स्पष्ट है कि BJP कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की नीतियों, सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था, ग्रामीण विकास और रोजगार के मुद्दों को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ाना चाहती है।
पदयात्रा के दौरान उठाए गए मुद्दे विशेष रूप से कल्याण कर्नाटक के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े रहे। BJP का जोर स्थानीय रोजगार, कृषि-आधारित उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में निवेश बढ़ाने पर रहा। वहीं, कांग्रेस सरकार की ‘पांच गारंटी’ योजनाओं को लेकर BJP की आलोचना इस अभियान का प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।








