श्रावण माह के पहले सोमवार से पहले ही काशी विश्वनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच गए। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने बैरिकेडिंग, शेड, पंखों और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ विशेष इंतजाम किए हैं।
वाराणसी: सावन के पहले सोमवार से पहले ही काशी विश्वनाथ धाम में शिवभक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। मंदिर परिसर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लग गई हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं, जबकि वीआईपी दर्शन व्यवस्था फिलहाल बंद रखी गई है।
पहले सोमवार से पहले ही बाबा धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावण माह के पहले सोमवार से एक दिन पहले ही काशी विश्वनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच गए। रविवार सुबह से ही मंदिर परिसर, गंगा द्वार और आसपास के मार्गों पर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष के बीच दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए शंकराचार्य चौक क्षेत्र में जिग-जैग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो।
गर्मी और उमस से राहत के लिए किए गए विशेष इंतजाम
बारिश और उमस भरे मौसम को देखते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। कतारों के ऊपर जर्मन हैंगर शेड लगाए गए हैं, जबकि हवा की व्यवस्था के लिए कई स्थानों पर बड़े पंखे लगाए गए हैं।
इसके अलावा पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, स्वयंसेवकों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
वीआईपी दर्शन बंद, समय लेकर पहुंचे श्रद्धालु
श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए वीआईपी प्रोटोकॉल फिलहाल बंद रखा गया है। इसके चलते सभी श्रद्धालुओं को सामान्य कतार से ही दर्शन करने होंगे। प्रशासन ने वाहनों की पार्किंग भी मंदिर क्षेत्र से दूर निर्धारित की है, जिससे श्रद्धालुओं को कुछ दूरी पैदल तय करनी पड़ सकती है।
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पर्याप्त समय लेकर आएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
कांवड़ियों के लिए विशेष ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था
सावन के दौरान कांवड़ यात्रा को देखते हुए भदोही से वाराणसी तक एक लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रखी गई है। दूर-दराज़ के जिलों से बोल बम, डाक बम और ताड़क बम कांवड़ियों के जत्थे लगातार काशी पहुंच रहे हैं।
प्रशासन का अनुमान है कि पहले सावन सोमवार पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें।










