प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर वाराणसी में गुरुवार को कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री का जन्मदिन 17 सितंबर को है और इस अवसर पर काशी में विशेष आयोजन किए गए। काशी विश्वनाथ मंदिर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई प्रमुख नेता पहुंचे। चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान भी काशी पहुंचे और मंदिर में पूजा-अर्चना की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार काशी में प्रधानमंत्री के जन्मदिन को लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
काशी विश्वनाथ मंदिर में पहुंचे नेताओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग पर जल अर्पित किया। इस दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर काशी में आयोजित कार्यक्रमों में देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े नेता और अन्य लोग भी शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान जन्मदिन समारोह का हिस्सा बने केक को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बांटा। इस मौके पर मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। काशी में आयोजित कार्यक्रमों में धार्मिक परंपराओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया था।
काशी विश्वनाथ मंदिर में चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान के पहुंचने से कार्यक्रम में एनडीए से जुड़े कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी दिखाई दी। दोनों नेताओं ने मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक काशी में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर एनडीए से जुड़े नेताओं की मौजूदगी वाला यह आयोजन विशेष रूप से चर्चा में रहा।
प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी से लंबे समय से राजनीतिक जुड़ाव रहा है और वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है। इसी वजह से उनके जन्मदिन के अवसर पर काशी में होने वाले कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान रहता है। इस बार भी जन्मदिन के अवसर पर वडनगर से वाराणसी तक कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई थी। इनमें बाइक यात्रा, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहे।
काशी में आयोजित समारोह का धार्मिक पक्ष भी खास रहा। मंदिर में पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार हुआ और बाबा विश्वनाथ को जल अर्पित किया गया। इसके साथ ही काशी की पारंपरिक संस्कृति और लोक संगीत को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। नागा साधु द्वारा डमरू बजाए जाने का दृश्य आयोजन में आकर्षण का केंद्र रहा।
लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने भी इस अवसर पर सोहर गाया। सोहर उत्तर भारत की पारंपरिक लोकगायन शैली है, जिसे विशेष रूप से जन्म और शुभ अवसरों से जोड़ा जाता है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति ने धार्मिक आयोजन में सांस्कृतिक रंग जोड़ा।
काशी की धार्मिक पहचान और लोक संस्कृति दोनों को कार्यक्रम में साथ देखने को मिला। एक ओर काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार हुआ, वहीं दूसरी ओर लोकगीत और पारंपरिक वाद्य के जरिए सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। डमरू की ध्वनि और सोहर गायन ने आयोजन के धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को अलग रूप दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई नेताओं ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। भाजपा की ओर से भी विभिन्न सेवा और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए।
वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर तैयार किया गया था। इससे पहले सामने आई जानकारी के अनुसार वडनगर से वाराणसी तक बाइक यात्रा सहित कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा थीं।
काशी में एनडीए से जुड़े नेताओं की मौजूदगी भी कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता रही। चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी ने आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया। हालांकि अलग-अलग सहयोगी दलों की स्थानीय स्तर पर भागीदारी को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें भी सामने आई हैं, इसलिए इसे पूरे गठबंधन की समान भागीदारी के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रों के बीच बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाया। मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के बाद नेताओं ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान काशी के धार्मिक वातावरण में प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रम भी चलते रहे।
कार्यक्रम में शामिल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का उद्देश्य भी आयोजन को स्थानीय परंपराओं से जोड़ना रहा। काशी की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में ही नहीं बल्कि संगीत, लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रमुख केंद्र के तौर पर भी है। इसी पृष्ठभूमि में मालिनी अवस्थी का सोहर गायन और नागा साधु का डमरू वादन कार्यक्रम का उल्लेखनीय हिस्सा रहा।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर काशी में आयोजित कार्यक्रमों में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नेताओं की मौजूदगी एक साथ देखने को मिली। मंदिर में दर्शन के बाद जन्मदिन समारोह से जुड़े कार्यक्रम हुए और केक भी बांटा गया। इस पूरे आयोजन में काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता दी गई।
देशभर में प्रधानमंत्री के जन्मदिन को लेकर आयोजित कार्यक्रमों के बीच वाराणसी का आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यहां धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का बड़ा संयोजन देखने को मिला। काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा से लेकर लोकगायन और डमरू वादन तक अलग-अलग गतिविधियां आयोजित हुईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर काशी में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान पहुंचे नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में केक बांटा गया, जबकि चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए। नागा साधु के डमरू वादन और मालिनी अवस्थी के सोहर गायन ने आयोजन में धार्मिक एवं सांस्कृतिक माहौल को और प्रमुख बनाया।
इस तरह प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर वाराणसी में दिनभर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुए कार्यक्रमों में एनडीए से जुड़े प्रमुख नेताओं की मौजूदगी रही और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं को भी जगह मिली। काशी में आयोजित यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े देशभर के कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक प्रमुख हिस्सा रहा।











