केरल विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की 37 कैंडिडेट्स की नई सूची जारी, के. सुधाकरन को नहीं मिला टिकट

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस ने अपनी नई 37 कैंडिडेट्स की सूची जारी की। इस सूची में के. सुधाकरन को टिकट नहीं मिला। जानें पूरी लिस्ट और प्रमुख बदलाव।

केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने कैंडिडेट्स की एक नई सूची जारी की है, जिसमें कुल 37 कैंडिडेट्स के नाम शामिल हैं। यह केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की दूसरी सूची है।

Kerala Assembly Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपने कैंडिडेट्स की नई सूची जारी कर दी है। इस बार कुल 37 कैंडिडेट्स के नाम घोषित किए गए हैं, जिससे पहले से जारी सूची को मिलाकर कांग्रेस अब तक कुल 92 सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर चुकी है। सबसे चर्चा का विषय यह रहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कन्नूर से सांसद के. सुधाकरन को इस बार टिकट नहीं दिया गया। सुधाकरन ने कन्नूर सीट से चुनाव लड़ने की मांग की थी और अपनी जिद पर भी अड़े थे। 

हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें स्वीकार्य होगा। बावजूद इसके, पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी को नजरअंदाज कर दिया और कन्नूर से टी ओ मोहनन को टिकट दिया गया। वहीं, नेमोम सीट से सबरीनाधन को उम्मीदवार बनाया गया है।

कांग्रेस की उम्मीदवार सूची

कांग्रेस ने पहली सूची 17 मार्च को जारी की थी, जिसमें कुल 55 कैंडिडेट्स शामिल थे। दूसरी सूची के साथ, पार्टी ने अब तक कुल 92 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन कर लिया है। केरल विधानसभा में कुल 140 सीटें हैं, और चुनाव नौ अप्रैल 2026 को होंगे। मतगणना चार मई को संपन्न होगी। पिछले 2021 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने कुल 93 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि बाकी सीटों पर अपने सहयोगियों के साथ समझौता किया था। 

उस चुनाव में पार्टी को केवल 21 सीटें जीतने में सफलता मिली थी। इस बार कांग्रेस अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए रणनीतिक रूप से उम्मीदवारों का चयन कर रही है।

के. सुधाकरन: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कुंभकुडी सुधाकरन, जिन्हें आमतौर पर के. सुधाकरन कहा जाता है, केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने कन्नूर से सांसद के रूप में तीन बार जीत हासिल की है – 2009, 2019 और 2024 में। सुधाकरन पहले केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और चार बार विधायक के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने केरल में वन एवं खेल मंत्री के पद की जिम्मेदारी भी संभाली है।

कन्नूर क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और लंबे अनुभव के बावजूद, इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। यह निर्णय राज्य राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। सुधाकरन की गैर-उम्मीदवारी से कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

चुनाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि

केरल में कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों की रणनीति इस बार भी अहम भूमिका निभाएगी। पार्टी ने इस बार उम्मीदवारों के चयन में सीटों की सटीक गणना, स्थानीय जनसंख्या और पार्टी की पकड़ को ध्यान में रखा है। टी ओ मोहनन और सबरीनाधन को टिकट देना पार्टी की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे युवा और अनुभवी नेताओं के संतुलन को बनाए रखा जा सके।

इस चुनाव में कांग्रेस का लक्ष्य है कि वह पिछले चुनाव के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करे और अधिक सीटें जीतकर विधानसभा में अपनी स्थिति मजबूत करे। डोर-टू-डोर अभियान, स्थानीय मुद्दों पर फोकस और उम्मीदवारों की लोकप्रियता इस बार चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक होंगे।

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