खेजड़ी बचाओ आंदोलन के बाद सरकार झुकी, पूरे राजस्थान में कटाई पर रोक

बीकानेर के खेजड़ी बचाओ आंदोलन के बाद सरकार ने पूरे राजस्थान में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगा दी। संरक्षण के लिए विशेष कानून विधानसभा में लाया जाएगा।

बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन के बाद सरकार ने पूरे राजस्थान में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। जल्द ही संरक्षण के लिए विशेष कानून विधानसभा में लाया जाएगा। आंदोलनकारियों ने इसे पर्यावरण की बड़ी जीत बताया।

Rajasthan: राजस्थान में खेजड़ी वृक्ष की कटाई को लेकर बीकानेर में लंबे समय से आंदोलन चल रहा था। स्थानीय लोग सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण का आधार है।

समय के साथ इस आंदोलन को संत समाज और कई प्रमुख नेताओं का समर्थन भी मिलने लगा। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी खेजड़ी संरक्षण की बात उठाई। आंदोलन लगातार तेज होता गया और सरकार पर निर्णय लेने का दबाव बढ़ने लगा।

गुरुवार 12 फरवरी की देर शाम सरकार की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल बीकानेर के धरना स्थल पर पहुंचा। इसके बाद आंदोलन को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई।

सरकार का प्रतिनिधिमंडल और बातचीत

सरकार की ओर से मंत्री केके बिश्नोई, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल बिश्नोई, जसवंत बिश्नोई और पब्बाराम बिश्नोई धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और आंदोलनकारियों से बातचीत की।

बैठक के दौरान खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। पहले चर्चा केवल दो संभागों तक सीमित थी, लेकिन आंदोलनकारी पूरे राजस्थान में प्रतिबंध चाहते थे। लंबी चर्चा के बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने का लिखित आदेश जारी करने का निर्णय लिया।

इस फैसले के बाद आंदोलनकारियों ने इसे पर्यावरण प्रेमियों की जीत बताया। उनका कहना है कि यह संघर्ष प्रदेश के भविष्य और प्रकृति की रक्षा के लिए था।

खेजड़ी संरक्षण के लिए आएगा विशेष कानून

सरकार ने स्पष्ट किया है कि खेजड़ी संरक्षण के लिए विशेष कानून लाया जाएगा। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल बिश्नोई ने कहा कि सरकार संतों और समाज से किए गए वादे पर कायम है। आगामी विधानसभा सत्र में इस संबंध में विधेयक पेश किया जाएगा।

रेवेन्यू विभाग के सचिव की ओर से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं कि खेजड़ी की कटाई नहीं होने दी जाए। आदेश में कहा गया है कि खेजड़ी राज्य वृक्ष है और इसकी सांस्कृतिक व पर्यावरणीय महत्ता को देखते हुए संरक्षण जरूरी है।

सरकार ने यह भी उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री स्तर पर पहले भी संतों और समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा की जा चुकी है। विधानसभा में भी खेजड़ी संरक्षण को लेकर घोषणा की गई थी। अब कानून को जल्द लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पर्यावरण और आस्था से जुड़ा मुद्दा

खेजड़ी राजस्थान के शुष्क इलाकों में जीवनदायिनी मानी जाती है। यह पेड़ पशुओं के चारे, छाया और मिट्टी की उर्वरता के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही इसका सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व भी है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं। सरकार के ताजा फैसले से फिलहाल आंदोलन को राहत मिली है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित कानून कब तक लागू होता है और जमीनी स्तर पर उसका पालन कैसे सुनिश्चित किया जाता है।

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