पंजाब और उत्तर भारत का एक बहुत ही खास, पारंपरिक और पौष्टिक मांसाहारी व्यंजन है। यह बकरे के पैरों (trotters) से बनाई जाने वाली एक सूप जैसी पतली लेकिन लसदार (gelatinous) करी है। इसकी खासियत यह है कि इसे धीमी आंच पर घंटों पकाया जाता है, ताकि हड्डियों और जोड़ों का सारा सत्त, गूदा और कोलाजन (collagen) पिघलकर शोरबे में मिल जाए। यह व्यंजन सर्दियों में शरीर को गर्माहट देने और जोड़ों के दर्द के लिए रामबाण माना जाता है।
सामग्री
मुख्य सामग्री:
- बकरे के खरोड़े (Mutton Trotters): 4-6 (अच्छी तरह साफ किए हुए और कटे हुए)
- मसाले और ग्रेवी के लिए:
- प्याज: 2 बड़े (बारीक कटे या पिसे हुए)
- अदरक-लहसुन का पेस्ट: 2 बड़े चम्मच
- टमाटर: 2 मध्यम (प्यूरी बनाए हुए)
- साबुत मसाले (खड़ा मसाला): तेजपत्ता (2), बड़ी इलायची (2), दालचीनी (1 टुकड़ा), लौंग (4-5), काली मिर्च के दाने (8-10)।
- पिसे मसाले: हल्दी पाउडर (½ छोटा चम्मच), लाल मिर्च पाउडर (स्वादानुसार), धनिया पाउडर (2 बड़े चम्मच), गरम मसाला (1 छोटा चम्मच), नमक (स्वादानुसार)।
- तेल या घी: 3-4 बड़े चम्मच
गार्निश के लिए:
- हरा धनिया (बारीक कटा हुआ), हरी मिर्च, अदरक के लच्छे (juliennes), नींबू के टुकड़े।
बनाने का तरीका
- सफाई (सबसे महत्वपूर्ण): खरोड़ों को बहुत अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। अगर उन पर बाल हैं, तो उन्हें आंच पर जलाकर साफ करें और फिर आटे या नमक से रगड़कर धो लें ताकि कोई गंध न रहे।
- तड़का लगाना: एक प्रेशर कुकर में तेल/घी गरम करें। इसमें साबुत मसाले (तेजपत्ता, इलायची, आदि) डालें। जब वे चटकने लगें, तो प्याज डालें और सुनहरा भूरा होने तक भूनें।
- मसाला भूनना: अब अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और 2 मिनट भूनें। फिर टमाटर प्यूरी और सभी सूखे मसाले (हल्दी, मिर्च, धनिया, नमक) डालें। मसाले को तब तक भूनें जब तक कि तेल अलग न होने लगे।
- खरोड़े डालना: अब साफ किए हुए खरोड़े कुकर में डालें और मसाले के साथ तेज आंच पर 5-10 मिनट तक अच्छी तरह भूनें (भुनाई करें)।
- पकाना (Slow Cooking): इसमें जरूरत के अनुसार काफी सारा पानी डालें (लगभग 4-5 कप, क्योंकि यह सूप जैसा होता है और देर तक पकता है)। कुकर बंद करें। पहली सीटी तेज आंच पर आने दें, फिर आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और कम से कम 45 मिनट से 1 घंटे तक पकने दें। (पारंपरिक रूप से इसे भारी पतीले में रात भर धीमी आंच पर पकाया जाता था)।
- फिनिशिंग: ढक्कन खोलकर चेक करें। खरोड़े पूरी तरह गल जाने चाहिए और शोरबा चिपचिपा (लसदार) हो जाना चाहिए। अंत में गरम मसाला और हरा धनिया डालें।
परोसने के तरीके
- खरोड़े का सूप गरमागरम ही परोसा जाता है।
- इसे खाने से ठीक पहले इसमें नींबू का रस जरूर निचोड़ें, इससे स्वाद बहुत बढ़ जाता है।
- इसे आमतौर पर तंदूरी रोटी, खमीरी रोटी या नान के साथ खाया जाता है, ताकि रोटी को स्वादिष्ट शोरबे में डुबोकर खाया जा सके। कुछ लोग इसे उबले चावल के साथ भी पसंद करते हैं।
- ऊपर से अदरक के लच्छे और हरी मिर्च डालकर सजाएं।
खाने के फायदे
खरोड़े (पाया) का सूप सेहत के लिए अमृत समान माना जाता है, खासकर सर्दियों के मौसम में। इसमें भरपूर मात्रा में कोलाजन (Collagen) और जिलेटिन होता है, जो जोड़ों के दर्द (joint pain) से राहत दिलाने और हड्डियों को मजबूत बनाने में बहुत मदद करता है। यह आंतों (gut health) के लिए भी अच्छा होता है और त्वचा में चमक लाता है। इसके अलावा, इसका गर्म तासीर वाला शोरबा सर्दी, जुकाम और शारीरिक कमजोरी को दूर करने में सहायक होता है।













