कर्नाटक: गृह मंत्री प्रियंक खड़गे को धमकी और जातिसूचक टिप्पणी मामले में 48 वर्षीय व्यक्ति गिरफ्तार

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को सोशल मीडिया पर जातिसूचक टिप्पणी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 48 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे को सोशल मीडिया पर जातिसूचक टिप्पणी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 48 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ।

बेंगलुरु: कर्नाटक के उडुपी जिले में पुलिस ने एक 48 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक जातिसूचक टिप्पणी करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी रविवार को कर्कला क्षेत्र में की गई।

आरोपी को नालकेड़ा बेट्टा, केर्वाशे गांव (कर्कला के पास) का निवासी बताया गया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

फेसबुक पोस्ट से सामने आया मामला

पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला 7 जून को तब सामने आया जब निट्टे गांव के अत्तूर चेतनाहल्ली निवासी एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर “NAMMA KARLA” नामक पेज पर एक पोस्ट देखी।

इस पोस्ट में गृह मंत्री प्रियंक खड़गे की तस्वीर साझा की गई थी, जिसके साथ एक कैप्शन भी लिखा गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 6 जून को आरोपी ने इसी पोस्ट पर अत्यंत आपत्तिजनक, जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी की थी।

जातिगत भेदभाव और धमकी के आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी की टिप्पणी न केवल अपमानजनक थी बल्कि उसमें जातिगत आधार पर नफरत फैलाने और समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की मंशा भी दिखाई देती है। इसके साथ ही टिप्पणी में गृह मंत्री को जान से मारने की धमकी भी शामिल थी।

अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं और समाज में तनाव फैलाने का कारण बन सकती हैं।

कानूनी कार्रवाई और दर्ज धाराएं

इस मामले में कर्कला सिटी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 351(3), 196 और 353(2) के साथ-साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की संबंधित धाराएं भी लगाई हैं।

आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई और जांच जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले कंटेंट और धमकी भरे संदेशों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस मामले में भी त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी किसी अन्य व्यक्ति या समूह के संपर्क में था या यह टिप्पणी व्यक्तिगत स्तर पर की गई थी।

सोशल मीडिया पर बढ़ती निगरानी की जरूरत

यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नफरत भरे भाषण और धमकीपूर्ण टिप्पणियों की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जिम्मेदारी और निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

कानून विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में न केवल व्यक्ति की गिरफ्तारी जरूरी है, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को भी कंटेंट मॉडरेशन को सख्ती से लागू करना चाहिए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और संवेदनशील माहौल

हालांकि इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सीमित रही है, लेकिन राज्य में इस घटना को गंभीरता से देखा जा रहा है। एक मंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी और धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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