कुशीनगर के कप्तानगंज क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी का शव नहर से बरामद किया गया। वह पिता की डांट से नाराज होकर घर से निकली थी और नहर में कूद गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
कुशीनगर: कप्तानगंज क्षेत्र में एक 15 वर्षीय किशोरी का शव नहर से मिलने के बाद इलाके में शोक का माहौल है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किशोरी घर पर हुई डांट-फटकार से नाराज होकर निकली थी। करीब 24 घंटे की तलाश के बाद उसका शव नहर से बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
24 घंटे बाद नहर में मिला किशोरी का शव
कुशीनगर के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में बुधवार शाम बड़ी नहर में एक किशोरी का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने सुम्माखोर गांव स्थित पुल के पास नहर में शव उतराता देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया।
जांच के दौरान शव की पहचान महाराजगंज जिले के भिटौली थाना क्षेत्र स्थित धर्मपुर बड़ा गांव निवासी 15 वर्षीय खुशी रावत के रूप में हुई। पहचान होने के बाद स्वजन को सूचना दी गई, जिसके बाद परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। शव मिलने की खबर से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
पिता की डांट के बाद घर से निकली थी किशोरी
परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब छह बजे खुशी रावत अपने पिता की डांट से नाराज हो गई थी। इसके बाद उसने घर से शौच के लिए जाने की बात कही और बाहर निकल गई। बताया जा रहा है कि कुछ दूरी पर स्थित देवरिया शाखा की बड़ी नहर के पास पहुंचकर उसने छलांग लगा दी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई, जिसके बाद खोजबीन अभियान चलाया गया। किशोरी के अचानक लापता होने से परिजन पूरे दिन चिंतित रहे और उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे।
पुलिस और एसडीआरएफ ने चलाया था खोज अभियान
घटना के बाद भिटौली थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को खोज अभियान में लगाया गया था। मंगलवार देर शाम तक नहर और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद भी निगरानी और खोजबीन जारी रखी गई।
बुधवार शाम करीब चार बजे सुम्माखोर गांव के पुल के पास नहर में शव दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान खुशी रावत के रूप में की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण बताई जा रही है। खुशी के पिता बबलू रावत ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी चार बेटियां हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। खुशी दूसरे नंबर की बेटी थी। घटना के बाद परिवार और गांव में गहरा शोक व्याप्त है।









