देशभर में 'लश्कर गैंग' बना रेल यात्रियों का सबसे बड़ा दुश्मन, बिहार में गिरोह का पर्दाफाश

रेल यात्रियों को निशाना बनाने वाले लश्कर गैंग का बिहार में पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में गिरोह के नेटवर्क और यात्रियों से जुड़ी वारदातों की जानकारी सामने आई।
देशभर में 'लश्कर गैंग' बना रेल यात्रियों का सबसे बड़ा दुश्मन, बिहार में गिरोह का पर्दाफाश
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मुजफ्फरपुर। बिहार में रेल यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसे 'लश्कर गैंग' के नाम से जाना जा रहा है। यह गिरोह केवल बिहार तक सीमित नहीं बताया जा रहा, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में रेल यात्रियों को निशाना बनाने और ट्रेनों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के आरोपों के कारण जांच एजेंसियों के रडार पर आया है। गिरोह के खुलासे के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।

जांच में सामने आया है कि गिरोह से जुड़े लोग रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखते थे। खासतौर पर ऐसे यात्रियों को निशाना बनाया जाता था, जो लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हों, रात के समय सफर कर रहे हों या सामान के साथ अकेले हों। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्य यात्रियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी किस तरह जुटाते थे।

गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर भी पुलिस ने जांच तेज कर दी है। आशंका है कि इसके सदस्य अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय रहते थे और मौका मिलते ही यात्रियों को अपना शिकार बनाते थे। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से निकल जाते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी मुश्किल हो जाती थी।

बिहार में गिरोह के पकड़े जाने के बाद अब जांच का दायरा दूसरे राज्यों तक बढ़ाए जाने की संभावना है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह से जुड़े लोगों के तार किन-किन शहरों और रेलवे स्टेशनों से जुड़े हैं। इसके लिए पुराने मामलों के रिकॉर्ड और संदिग्ध आरोपियों की गतिविधियों का मिलान किया जा रहा है।

जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि 'लश्कर गैंग' का नेटवर्क कितना बड़ा है। क्या यह गिरोह केवल चोरी और यात्रियों को निशाना बनाने तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

गिरोह के खुलासे के बाद रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी शुरू हो गई है। GRP और RPF की टीमों को संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं। भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म, ट्रेन के प्रवेश और निकास वाले हिस्से तथा रात में आने-जाने वाली ट्रेनों पर विशेष निगरानी की जा रही है।

रेल यात्रियों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है। पुलिस और रेलवे लगातार यात्रियों से अपील करते रहे हैं कि वे सफर के दौरान अपने मोबाइल, नकदी, आभूषण और अन्य कीमती सामान को लेकर सावधानी बरतें। अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की चीजें नहीं लेने और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत रेलवे सुरक्षा कर्मियों को सूचना देने की सलाह दी जाती है।

बिहार में गिरोह के पर्दाफाश के बाद अब पुलिस पुराने मामलों की फाइलें भी खंगाल सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि पिछले कुछ समय में ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर हुई किन घटनाओं के पीछे इसी नेटवर्क की भूमिका रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश भी की जा रही है।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। बिहार में हुई कार्रवाई को रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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