लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष तेज हो गया है। IDF ने 220 आतंकियों को मारने का दावा किया है, जबकि बेरूत में हुए हवाई हमलों में नागरिकों की मौत हुई। सीजफायर के बावजूद सैन्य कार्रवाई जारी है और तनाव बढ़ता जा रहा है।
लेबनान: मध्य पूर्व में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में कार्रवाई करते हुए हिजबुल्लाह से जुड़े 220 से अधिक आतंकवादियों और कमांडरों को मार गिराया है। यह कार्रवाई इजरायल-लेबनान के बीच घोषित सीजफायर के बाद की गई बताई जा रही है।
IDF के अनुसार, यह अभियान इजरायल के नागरिकों और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है, जिसमें हिजबुल्लाह के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया जो सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे।
सीजफायर के बाद भी जारी सैन्य कार्रवाई
इजरायली सेना ने कहा है कि युद्धविराम समझौते के लागू होने के बाद भी हिजबुल्लाह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है। IDF के मुताबिक, संगठन के कई सदस्य और कमांडर अभी भी सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई जारी है।
सेना ने अपने बयान में दावा किया कि अब तक हिजबुल्लाह के कई सैन्य ढांचे, कमांड सेंटर और हथियार भंडारण स्थलों को हवाई हमलों में नष्ट कर दिया गया है। इन हमलों का उद्देश्य संगठन की सैन्य क्षमता को कमजोर करना बताया गया है।
वीडियो जारी कर इजरायल का शक्ति प्रदर्शन
इजरायली सेना ने इस अभियान से जुड़े कुछ वीडियो भी जारी किए हैं, जिनमें दक्षिणी लेबनान में हवाई हमलों और लक्षित ठिकानों को ध्वस्त होते हुए दिखाया गया है। इन वीडियो के माध्यम से IDF ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह किसी भी खतरे का जवाब देने में सक्षम है।
हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है, लेकिन इन्हें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है।
बेरूत पर ताजा हमला, नागरिकों की मौत
इसी बीच, इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों (दहिएह क्षेत्र) पर भी हवाई हमला किया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हुई है, जबकि 7 लोग घायल हुए हैं।

यह इलाका पहले भी कई बार हमलों का निशाना बन चुका है और इसे हिजबुल्लाह का मजबूत गढ़ माना जाता है।
लेबनानी अधिकारियों ने इस हमले को युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।
दक्षिणी लेबनान में सैन्य गतिविधियां तेज
दक्षिणी लेबनान में हाल के दिनों में सैन्य गतिविधियों में तेज़ी देखी गई है। इजरायली सेना का कहना है कि वह उन क्षेत्रों को निशाना बना रही है जहां हिजबुल्लाह के लड़ाकों की मौजूदगी की पुष्टि होती है।
इजरायल का दावा है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित बनाना और भविष्य में किसी भी संभावित हमले को रोकना है।
हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव
हिजबुल्लाह, जो लेबनान में एक शक्तिशाली राजनीतिक और सैन्य संगठन माना जाता है, लंबे समय से इजरायल के साथ संघर्ष में शामिल रहा है। दोनों पक्षों के बीच समय-समय पर सीमावर्ती क्षेत्रों में झड़पें होती रहती हैं, जो कई बार बड़े सैन्य टकराव का रूप ले लेती हैं।
हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या घोषित सीजफायर वास्तव में प्रभावी है या यह केवल अस्थायी शांति है।
लेबनान की स्थिति: मानवीय संकट की आशंका
बेरूत और दक्षिणी लेबनान में लगातार हो रहे हमलों से आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ा है। कई क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो लेबनान में मानवीय संकट और गहरा सकता है, खासकर स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की संभावना
बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस संघर्ष पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हिंसा जारी रहती है, तो यह पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाओं से जल्द हस्तक्षेप और तनाव कम करने की अपील की जा सकती है, ताकि स्थिति और अधिक न बिगड़े।











