ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ब्रुअर कंपनी Lion Brewery ने छह दशक से अधिक समय बाद भारतीय बाजार में दोबारा कदम रखा है। कंपनी ने राजधानी दिल्ली में अपने प्रीमियम बीयर पोर्टफोलियो की शुरुआत करते हुए भारत में वापसी की घोषणा की है।
बिजनेस न्यूज़: ब्रिटेन की ऐतिहासिक ब्रूइंग कंपनी Lion Brewery ने छह दशक से अधिक समय बाद भारतीय बाजार में वापसी की है। कंपनी ने राजधानी दिल्ली में अपने प्रीमियम बीयर पोर्टफोलियो की शुरुआत करते हुए भारत में नए कारोबारी अध्याय की शुरुआत की है। तेजी से बढ़ते प्रीमियम बीयर सेगमेंट और बदलती उपभोक्ता पसंद को देखते हुए कंपनी ने भारतीय बाजार में दोबारा प्रवेश करने का फैसला किया है।
लॉयन ब्रूअरी का कहना है कि भारत उसके लिए केवल एक नया व्यावसायिक अवसर नहीं है, बल्कि कंपनी के इतिहास और विरासत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बाजार भी है। इसी कारण कंपनी ने अपनी वापसी को एक रणनीतिक कदम के रूप में पेश किया है।
भारत में वितरण के लिए स्थानीय साझेदारी
भारतीय बाजार में प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लॉयन ब्रूअरी ने स्थानीय कंपनी Copperdrop Spirits के साथ साझेदारी की है। इस समझौते के तहत कॉपरड्रॉप स्पिरिट्स कंपनी के उत्पादों के आयात और वितरण की जिम्मेदारी संभालेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शराब और प्रीमियम पेय पदार्थ बाजार में स्थानीय साझेदारों के साथ काम करना विदेशी ब्रांडों के लिए महत्वपूर्ण रणनीति होती है, क्योंकि इससे वितरण नेटवर्क और बाजार पहुंच को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
दिल्ली से शुरुआत, अब हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर नजर
कंपनी ने फिलहाल दिल्ली में अपने प्रीमियम बीयर उत्पाद लॉन्च किए हैं। अगले चरण में वह उत्तर भारत के अन्य बड़े बाजारों, विशेष रूप से हरियाणा और उत्तर प्रदेश में विस्तार की योजना बना रही है। उत्तर भारत को भारत के सबसे महत्वपूर्ण उपभोक्ता बाजारों में गिना जाता है। यहां बढ़ती शहरी आबादी, बदलती जीवनशैली और प्रीमियम उत्पादों की मांग विदेशी ब्रांडों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। लॉयन ब्रूअरी का मानना है कि इन राज्यों में विस्तार से उसे भारत में अपनी उपस्थिति तेजी से मजबूत करने में मदद मिलेगी।
भारत से जुड़ा है कंपनी का ऐतिहासिक रिश्ता
लंदन में वर्ष 1836 में स्थापित लॉयन ब्रूअरी का भारत के साथ ऐतिहासिक संबंध रहा है। कंपनी उन शुरुआती ब्रुअरीज में शामिल रही है जिन्होंने इंडिया पेल एले (IPA) शैली की बीयर का उत्पादन किया और ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय बाजार के लिए निर्यात किया। कंपनी का कहना है कि भारत उसकी व्यावसायिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यही वजह है कि दशकों बाद वापसी को केवल विस्तार नहीं, बल्कि ऐतिहासिक जुड़ाव की पुनर्स्थापना के रूप में भी देखा जा रहा है।
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प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस
भारत में वापसी के साथ कंपनी ने अपने दो प्रमुख उत्पाद पेश किए हैं। इनमें ‘आइलैंड लेगर’ और ‘पेल एले’ शामिल हैं, जिन्हें 330 मिलीलीटर की बोतलों में उपलब्ध कराया गया है। कंपनी की रणनीति स्पष्ट रूप से प्रीमियम और गुणवत्ता-केंद्रित उपभोक्ताओं को लक्षित करने की है। हाल के वर्षों में भारतीय उपभोक्ताओं के बीच प्रीमियम और क्राफ्ट श्रेणी के पेय पदार्थों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से महानगरों और बड़े शहरी केंद्रों में युवा उपभोक्ता पारंपरिक विकल्पों के बजाय नए स्वाद और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
तेजी से बढ़ रहा है भारत का प्रीमियम बीयर बाजार
भारत का प्रीमियम बीयर बाजार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। उद्योग से जुड़े अनुमानों के अनुसार, प्रीमियम बीयर सेगमेंट में वार्षिक वृद्धि दर 40 प्रतिशत से अधिक रही है। इस वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आय, उपभोक्ताओं की बदलती पसंद, क्राफ्ट बीयर संस्कृति का विस्तार और माइक्रो-ब्रुअरीज की बढ़ती संख्या ने बाजार को नई दिशा दी है।
इसके अलावा, उपभोक्ता अब केवल उत्पाद की कीमत पर नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, ब्रांड पहचान और अनुभव पर भी ध्यान दे रहे हैं। यही प्रवृत्ति प्रीमियम ब्रांडों के लिए अवसर पैदा कर रही है।
2028 तक मजबूत वृद्धि की उम्मीद
उद्योग रिपोर्टों के अनुसार, भारत का कुल बीयर बाजार आने वाले वर्षों में लगातार विस्तार कर सकता है। अनुमान है कि 2028 तक यह बाजार सालाना 8 से 10 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा, जबकि प्रीमियम श्रेणी इससे भी तेज गति से आगे बढ़ सकती है। वैश्विक कंपनियां भारत को दुनिया के सबसे संभावनाशील उपभोक्ता बाजारों में से एक मान रही हैं। इसी कारण कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भारतीय उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं।











