Lok Sabha Elections 2029: नई EVM खरीदने की तैयारी, चुनाव आयोग ने मांगे ₹500 करोड़

लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने नई EVM खरीद के लिए ₹500 करोड़ से अधिक फंड की मांग की है। बढ़ते मतदान केंद्रों और पुरानी मशीनों के

देश में लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच चुनाव आयोग नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की खरीद और मौजूदा मशीनों के उन्नयन की तैयारी कर रहा है।

नई दिल्ली: भारत में 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारियां समय से पहले शुरू होती दिखाई दे रही हैं। चुनाव आयोग (ECI) ने केंद्र सरकार से नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की खरीद और मौजूदा चुनावी ढांचे को मजबूत करने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव रखा है। यह कदम आगामी वर्षों में बढ़ने वाले मतदान केंद्रों की संख्या और पुरानी हो चुकी मशीनों को बदलने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयोग का उद्देश्य 2029 के लोकसभा और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों को सुचारू, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। नई मशीनों की खरीद और पुरानी इकाइयों के प्रतिस्थापन की प्रक्रिया अगले कुछ वर्षों में पूरी की जाएगी।

क्यों पड़ रही है नई EVM की जरूरत?

चुनाव आयोग के सामने दो प्रमुख चुनौतियां हैं। पहली, देश में मतदान केंद्रों की संख्या में संभावित वृद्धि और दूसरी, मौजूदा EVM मशीनों की निर्धारित आयु पूरी होना। विशेषज्ञों के अनुसार, कई EVM और कंट्रोल यूनिट 2013-14 के दौरान खरीदी गई थीं। इन मशीनों की औसत कार्य अवधि लगभग 15 वर्ष मानी जाती है। ऐसे में 2029 तक इनका एक बड़ा हिस्सा सेवा अवधि पूरी कर चुका होगा और उन्हें बदलना आवश्यक होगा।

इसके अलावा, चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने की नीति अपनाई है ताकि मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम बनाई जा सके।

कितनी मशीनें खरीदी जाएंगी?

प्रस्ताव के अनुसार, चुनाव आयोग लगभग 3.57 लाख नई बैलट यूनिट और 1.25 लाख कंट्रोल यूनिट खरीदने की योजना बना रहा है। बैलट यूनिट वह हिस्सा होती है, जहां मतदाता अपना वोट दर्ज करता है, जबकि कंट्रोल यूनिट मतदान प्रक्रिया को संचालित और नियंत्रित करती है। इन मशीनों के साथ आवश्यक तकनीकी परीक्षण और गुणवत्ता जांच पूरी होने के बाद इनकी आपूर्ति 2027 तक पूरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि 2029 के आम चुनावों से पहले पर्याप्त तैयारी सुनिश्चित की जा सके।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयोग ने इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की आवश्यकता जताई है। जानकारी के मुताबिक, सरकारी व्यय विभाग ने लगभग 512.4 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। नई लागत संरचना के तहत एक बैलट यूनिट की अनुमानित कीमत 8,577 रुपये और एक कंट्रोल यूनिट की कीमत 9,737 रुपये निर्धारित की गई है। बताया जा रहा है कि नई खरीद में लागत नियंत्रण और तकनीकी सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

Lok Sabha Elections 2029: नई EVM खरीदने की तैयारी, चुनाव आयोग ने मांगे ₹500 करोड़

मतदान केंद्रों की बढ़ती संख्या भी बड़ी वजह

नई EVM खरीदने के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण मतदान केंद्रों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि है। पहले एक मतदान केंद्र पर लगभग 1,500 मतदाताओं की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन अब इस सीमा को घटाकर 1,200 मतदाता प्रति बूथ कर दिया गया है। इसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और मतदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाना है।

इस बदलाव के चलते 2024 के आम चुनावों में जहां लगभग 10.53 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, वहीं 2029 तक इनकी संख्या बढ़कर लगभग 15.39 लाख होने का अनुमान है। अधिक मतदान केंद्रों के लिए अतिरिक्त EVM और कंट्रोल यूनिट की आवश्यकता स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी।

चुनाव आयोग के पास मौजूदा संसाधन

वर्तमान में चुनाव आयोग के पास लगभग 30.77 लाख बैलट यूनिट, 22.14 लाख कंट्रोल यूनिट और लगभग 24 लाख VVPAT मशीनें उपलब्ध हैं। VVPAT प्रणाली मतदाताओं को उनके वोट की पुष्टि का दृश्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराती है और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है।हालांकि, पुरानी मशीनों के सेवानिवृत्त होने और मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने के कारण मौजूदा संसाधन भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं माने जा रहे हैं।

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