संसद का बजट सत्र शुरू हो चुका है और रविवार, 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। बजट प्रस्तुत होने के बाद अब संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली: भारतीय संसद के बजट सत्र के बीच आज से लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर औपचारिक चर्चा शुरू हो गई है। यह बहस संसदीय प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों राष्ट्रपति के अभिभाषण में उल्लिखित नीतिगत दृष्टिकोण पर अपनी बात रखते हैं।
इस चर्चा को लोकतांत्रिक विमर्श का अहम मंच माना जाता है, क्योंकि इसमें सरकार की प्राथमिकताओं, विकास योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत बहस होती है।
लोकसभा में आज से शुरू होगी चर्चा
संसदीय कार्यसूची के अनुसार, लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा सोमवार दोपहर 12 बजे शुरू होगी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बहस की शुरुआत की। उनके बाद पार्टी सांसद तेजस्वी सूर्या इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अपने विचार रखेंगे। चर्चा के लिए लोकसभा में कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है, जिसे तीन दिनों में विभाजित किया जाएगा।
विपक्ष की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी धन्यवाद प्रस्ताव पर पहली प्रतिक्रिया देने वाले वक्ता होंगे। माना जा रहा है कि वे सरकार की आर्थिक नीतियों, सामाजिक योजनाओं और बजट प्राथमिकताओं पर सवाल उठा सकते हैं। इससे सदन में तीखी लेकिन लोकतांत्रिक बहस होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब देंगे जवाब?

धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वे राष्ट्रपति के अभिभाषण में रेखांकित सरकारी एजेंडे का बचाव करेंगे और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देंगे। संसदीय सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 4 फरवरी 2026 को लोकसभा में जवाब दे सकते हैं। उनका संबोधन न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित करेगा, क्योंकि इसमें भारत की आर्थिक दिशा, विकास रणनीति और वैश्विक भूमिका पर सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट होगा।
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। आज दोपहर 2 बजे राज्यसभा में बीजेपी सांसद सदानंद मास्टर इस बहस की शुरुआत करेंगे। इसके बाद अन्य दलों के सांसद अपने विचार रखेंगे। राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री का जवाब संभावित रूप से 5 फरवरी को हो सकता है, हालांकि अंतिम कार्यक्रम संसदीय कार्यसूची के आधार पर तय होगा।
बजट सत्र की पृष्ठभूमि
भारत का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की थी। इसके बाद 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026–27 पेश किया, जिसमें कर नीति, बुनियादी ढांचे, रोजगार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं। बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
- पहला चरण: 28 जनवरी – 13 फरवरी 2026
- दूसरा चरण: 9 मार्च – 2 अप्रैल 2026
इस दौरान संसद में बजट पर विस्तृत चर्चा, अनुदान मांगों पर बहस और कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर विचार किया जाएगा।









