लखनऊ-कानपुर हाईवे पर गुरुवार तड़के दो डंपरों की भिड़ंत के बाद यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। बंथरा क्षेत्र में आजाद बिहार कॉलोनी के पास हुए हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक डंपर डिवाइडर पार करते हुए दूसरी लेन में जा पहुंचा। इससे लखनऊ से कानपुर की ओर जाने वाला मार्ग बाधित हो गया और देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब चार घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे और कतार करीब 10 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी हो गई।
हादसा गुरुवार तड़के हुआ, जब हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। दो भारी वाहनों की भिड़ंत के बाद सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त डंपर खड़े रह गए। एक डंपर के डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में चले जाने के कारण यातायात को सामान्य करना चुनौतीपूर्ण हो गया। हाईवे की एक लेन में दुर्घटनाग्रस्त वाहन और दूसरी तरफ जाम का दबाव बढ़ने से पीछे से आने वाले वाहनों की रफ्तार लगातार धीमी होती चली गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और यातायात कर्मी मौके पर पहुंचे। दुर्घटनाग्रस्त डंपरों को सड़क से हटाने और यातायात को दोबारा चालू कराने के लिए कार्रवाई शुरू की गई। भारी वाहनों को हटाने में समय लगने के कारण जाम तत्काल खत्म नहीं हो सका। इस बीच पीछे से लगातार वाहन आते रहे, जिससे जाम का दायरा बढ़ता गया और हाईवे पर कई किलोमीटर तक गाड़ियां फंस गईं।
हाईवे पर जाम बढ़ने का असर केवल घटनास्थल के आसपास तक सीमित नहीं रहा। लखनऊ-कानपुर मार्ग पर दूर तक वाहनों की कतार पहुंच गई। कई वाहन चालक काफी देर तक एक ही स्थान पर खड़े रहे, जबकि कुछ जगहों पर वाहन बेहद धीमी गति से आगे बढ़ते दिखाई दिए। सुबह के समय हाईवे पर यातायात का दबाव पहले से अधिक रहने के कारण दुर्घटना का असर और ज्यादा व्यापक हो गया।
बताया गया कि एक डंपर डिवाइडर को पार कर दूसरी दिशा की लेन में पहुंच गया था। ऐसे में पुलिस और संबंधित टीमों को दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने के साथ-साथ दोनों दिशाओं में यातायात को नियंत्रित करना पड़ा। हाईवे पर भारी वाहन खड़े होने के कारण छोटे वाहनों को भी निकलने में परेशानी हुई। जाम में फंसे लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में सामान्य से काफी अधिक समय लगा।
करीब चार घंटे तक चले जाम के दौरान हाईवे पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार बनी रही। रिपोर्ट के अनुसार कतार 10 किलोमीटर से अधिक तक पहुंच गई थी। इससे लखनऊ से कानपुर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन लोगों को सुबह के समय कानपुर या आसपास के इलाकों में पहुंचना था, उनकी यात्रा प्रभावित हुई।
दुर्घटना के बाद हाईवे पर यातायात व्यवस्था को संभालना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को नियंत्रित किया और दुर्घटनाग्रस्त डंपरों को हटवाने की प्रक्रिया शुरू कराई। भारी वाहनों को सड़क से हटाए जाने के बाद धीरे-धीरे यातायात की स्थिति में सुधार आने लगा। हालांकि कई किलोमीटर तक जमा वाहनों को पूरी तरह सामान्य गति में लाने में समय लगा।
लखनऊ-कानपुर हाईवे प्रदेश के प्रमुख व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में निजी वाहन, बसें, ट्रक और अन्य मालवाहक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में हाईवे पर किसी भारी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से यातायात पर तत्काल बड़ा असर पड़ता है। इस हादसे में भी यही स्थिति देखने को मिली। दुर्घटना के कारण सड़क का एक हिस्सा बाधित हुआ और उसके पीछे लगातार वाहनों की कतार बढ़ती चली गई।
इस हादसे ने एक बार फिर भारी वाहनों की आवाजाही वाले हाईवे पर दुर्घटना के बाद यातायात प्रबंधन की चुनौती को सामने रखा है। डंपर जैसे भारी वाहनों को हटाने के लिए सामान्य क्रेन की तुलना में अधिक क्षमता वाले उपकरणों की जरूरत पड़ सकती है। यही वजह है कि दुर्घटना के बाद सड़क को पूरी तरह खाली कराने में समय लग सकता है। इस मामले में भी दुर्घटनाग्रस्त डंपरों को हटाने तक यातायात प्रभावित रहा।
जाम में फंसे वाहन चालकों को कई जगहों पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कुछ वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों की तलाश करते दिखाई दिए, लेकिन हाईवे पर एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के फंसने के कारण आसपास के मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका रही। मुख्य मार्ग साफ होने के बाद ही पीछे फंसे वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा सका।
बंथरा के आजाद बिहार कॉलोनी के पास हुई इस घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया। हादसे के कारणों को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी बाद में सामने आ सकती है। फिलहाल प्राथमिक तौर पर दो डंपरों की भिड़ंत को जाम की मुख्य वजह बताया गया है। दुर्घटना कैसे हुई और दोनों वाहनों की आपस में टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है।
हादसे के बाद सबसे बड़ा असर लखनऊ से कानपुर जाने वाले मार्ग पर पड़ा। एक डंपर के डिवाइडर पार करने के कारण इस दिशा में आवागमन बाधित हुआ। हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ जाम पीछे की ओर फैलता गया। कुछ ही समय में वाहनों की कतार कई किलोमीटर तक पहुंच गई। सुबह के व्यस्त समय में यह स्थिति और गंभीर हो गई।
करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाया गया और यातायात को आगे बढ़ाने का रास्ता बनाया गया। इसके बाद जाम में फंसे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। हालांकि लंबे समय तक रुके वाहनों के कारण यातायात को पूरी तरह सामान्य होने में कुछ अतिरिक्त समय लगा। हाईवे पर पुलिस और यातायात कर्मियों ने वाहनों को क्रम से निकालने का प्रयास किया।
इस घटना से उन यात्रियों को भी परेशानी हुई जो नियमित रूप से लखनऊ-कानपुर हाईवे का इस्तेमाल करते हैं। नौकरी, कारोबार, पढ़ाई या अन्य काम से दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए सुबह का समय काफी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में कई घंटे का जाम उनकी पूरी दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। मालवाहक वाहनों के फंसने से सामान की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर पहले भी दुर्घटनाओं और भारी वाहनों के कारण लंबे जाम की स्थिति बनती रही है। हाल के दिनों में इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था पहले से ही कई कारणों से दबाव में रही है। जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के चलते भारी वाहनों के डायवर्जन से भी इस रूट और इससे जुड़े वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ा है।
गुरुवार तड़के हुए हादसे में भी दो डंपरों की भिड़ंत ने कुछ ही समय में सामान्य यातायात को बड़े जाम में बदल दिया। करीब 10 किलोमीटर से ज्यादा लंबी कतार इस बात को दिखाती है कि हाईवे पर किसी एक जगह सड़क बाधित होने का असर कितनी दूर तक पहुंच सकता है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जल्द हटाना ऐसे मामलों में यातायात बहाली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहता है।
फिलहाल दुर्घटना के बाद हाईवे पर यातायात को सामान्य कराने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पुलिस ने मौके पर स्थिति संभाली और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर मार्ग को चालू कराया। हादसे में किसी के घायल होने या अन्य नुकसान के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल इस घटना की सबसे बड़ी वजह दो डंपरों की भिड़ंत और उसके बाद करीब चार घंटे तक लगा लंबा जाम रहा।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सुबह-सुबह हुए इस हादसे ने यात्रियों को काफी देर तक परेशान किया। एक डंपर के डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में पहुंचने से यातायात बाधित हुआ और 10 किलोमीटर से अधिक लंबी वाहनों की कतार लग गई। करीब चार घंटे बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।










