हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए शुद्धि हवन को लेकर विवाद बढ़ गया है। हवन कराने वाली संस्था के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडे VHP के जिला सह मंत्री बताए गए हैं।
हल्द्वानी: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान में हुए शुद्धि हवन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद बढ़ गया है। कार्यक्रम कराने वाली श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संस्था के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडे का नाम विश्व हिंदू परिषद से जुड़ा है। VHP ने कार्यक्रम से दूरी बनाते हुए मामले को संगठन के संज्ञान में होने और कार्रवाई पर निर्णय लेने की बात कही है।
शुद्धि हवन के बाद बढ़ा विवाद
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद आयोजित शुद्धि हवन को लेकर विवाद गहरा गया है। यह कार्यक्रम श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से कराया गया था। संस्था के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडे हैं, जिनका नाम विश्व हिंदू परिषद से भी जुड़ा बताया जा रहा है।

विहिप के जिला मंत्री गिरीश पडलिया के अनुसार, गिरीश चंद्र पांडे को करीब दो वर्ष पहले संगठन में जिला सह मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि शुद्धि हवन कार्यक्रम का विश्व हिंदू परिषद से कोई सीधा संबंध नहीं था और इसे संस्था का व्यक्तिगत कार्यक्रम बताया गया है।
VHP ने कार्यक्रम से बनाई दूरी
विहिप की ओर से कार्यक्रम से दूरी बनाए जाने के बावजूद गिरीश चंद्र पांडे की संगठन में भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिला मंत्री गिरीश पडलिया ने कहा कि मामला संगठन के संज्ञान में है और संगठन हित में जो उचित होगा, उस पर निर्णय लिया जाएगा।
दूसरी ओर, गिरीश पांडे ने दावा किया कि उनका अब विहिप से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन से जुड़े सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में निमंत्रण मिलने पर वह शामिल होते हैं।
गिरीश पांडे के अनुसार, श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास का पंजीकरण फरवरी में कराया गया था। संस्था धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ सनातन से जुड़े मुद्दों पर काम करती है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तिष्ठ भारत कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
संस्था में सात न्यासी, रोजगार से जुड़े कार्यक्रम भी
गिरीश पांडे ने बताया कि संस्था के न्यासी मंडल में सात सदस्य हैं। इनमें सचिव रामजी अवस्थी, कोषाध्यक्ष नरेंद्र नेगी और प्रवक्ता लता पंत समेत अन्य लोग शामिल हैं।
संस्था की ओर से जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने का भी दावा किया गया है। इसके तहत अब तक दो स्थानों पर नाई की दुकानें स्थापित करने में सहयोग किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस बीच शुद्धि हवन को लेकर विवाद बढ़ने के बाद गिरीश पांडे के पुराने संगठनात्मक जुड़ाव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। शहर में उन्हें पहले बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कार्यक्रमों में देखा जाता रहा है।
सोशल मीडिया प्रोफाइल से हटने लगी संगठन की जानकारी
विवाद सामने आने के बाद इंटरनेट मीडिया पर भी बदलाव देखने को मिले हैं। गिरीश चंद्र पांडे समेत कुछ लोगों की सोशल मीडिया प्रोफाइल से विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़ी जानकारी हटाए जाने की बात सामने आई है।
संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ की गई तस्वीरों वाले कुछ पोस्ट भी हटाए जाने की जानकारी है। हालांकि, इन बदलावों के पीछे की वजह को लेकर संबंधित लोगों की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल विवाद का केंद्र शुद्धि हवन और इसे आयोजित करने वाली संस्था का VHP से कथित जुड़ाव है। संगठन ने कार्यक्रम को अपना आधिकारिक आयोजन मानने से इनकार किया है, जबकि संस्था के अध्यक्ष अपने वर्तमान संगठनात्मक संबंधों को लेकर अलग दावा कर रहे हैं। मामले में VHP की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर बनी हुई है।












