मां की मेहनत रंग लाई, पंचायत में काम करने वाली मां की बेटी ने बोर्ड में टॉप 10 में बनाई जगह

छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में कठिन हालात के बावजूद मनसी टंडन, हेमलता साहू और सिफात परवीन ने शानदार प्रदर्शन कर टॉप रैंक हासिल की और परिवार का नाम रोशन किया।

छात्राओं ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। मनसी टंडन, हेमलता साहू और सिफात परवीन ने टॉप रैंक हासिल कर अपने परिवार और स्कूल का नाम रोशन किया, साथ ही प्रेरणादायक मिसाल पेश की।

Chhattisgarh Board Result Inspiration: टॉपर्स की कहानी में मंदिर हसौद, खरोरा और फाफाडीह की छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मनसी टंडन ने 96.40% अंक लाकर टॉप टेन में जगह बनाई, जबकि हेमलता साहू 97.40% के साथ टॉप फाइव में रहीं। सिफात परवीन ने भी टॉप टेन में स्थान पाया। सीमित संसाधनों और पारिवारिक संघर्षों के बावजूद इन छात्राओं ने कड़ी मेहनत और लगन से सफलता हासिल कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

मनसी टंडन: संघर्ष से सफलता तक का सफर

गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, मंदिर हसौद की छात्रा मनसी टंडन ने कठिन पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद टॉप टेन में स्थान हासिल कर प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उनके पिता का निधन हो चुका है, जबकि उनकी मां ग्राम पंचायत में काम करके परिवार का पालन-पोषण करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मनसी ने रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की।

मनसी ने कॉमर्स विषय में 482 अंक (96.40 प्रतिशत) प्राप्त किए हैं। घर की जिम्मेदारियों और आर्थिक चुनौतियों के बीच भी उन्होंने पढ़ाई से समझौता नहीं किया। उनका सपना है कि वह आगे बढ़कर अपने परिवार की स्थिति को बेहतर बनाएं और आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

किसान की बेटी हेमलता साहू बनी टॉप 5 की छात्रा

स्वामी आत्मानंद बीडी शासकीय हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम स्कूल, खरोरा की हेमलता साहू ने टॉप फाइव में स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा साबित की है। उनके पिता एक किसान हैं और माता गृहिणी हैं। सीमित साधनों के बावजूद हेमलता ने लगातार मेहनत कर यह सफलता हासिल की है।

मां की मेहनत रंग लाई, पंचायत में काम करने वाली मां की बेटी ने बोर्ड में टॉप 10 में बनाई जगह

हेमलता ने मैथ्स विषय में 487 अंक (97.40 प्रतिशत) प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि वह रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई करती थीं और शिक्षिका बनने का सपना रखती हैं। आगे वह रायपुर स्थित डाइट कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती हैं।

ऑटो चालक की बेटी सिफात परवीन का इंजीनियर बनने का सपना

स्वामी आत्मानंद शहीद स्मारक गवर्नमेंट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, फाफाडीह की छात्रा सिफात परवीन ने टॉप टेन में जगह बनाकर अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है। उनके पिता ऑटो चालक हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।

सिफात ने पीसीएम विषय में 482 अंक (96.40 प्रतिशत) हासिल किए हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन और अनुशासन को दिया है। उनका लक्ष्य आगे चलकर इंजीनियर बनना है ताकि वह अपने परिवार का नाम रोशन कर सकें और जीवन स्तर को बेहतर बना सकें।

Leave a comment