कनाडा में Work Permit के नए नियम लागू, LMIA में देरी होने पर रिजेक्ट नहीं होगा आवेदन

कनाडा ने वर्क परमिट नियम बदले हैं। अब LMIA का फैसला आने तक योग्य आवेदन लंबित रहेंगे। जानें नए नियम से भारतीय कर्मचारियों को क्या फायदा होगा और कौन पात्र है।

कनाडा सरकार ने 28 अक्टूबर 2026 को वर्क परमिट आवेदन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब LMIA की मंजूरी में देरी होने पर योग्य विदेशी कर्मचारियों के आवेदन पर फैसला रोककर रखा जाएगा। इससे भारतीय वर्कर्स को भी राहत मिल सकती है।

ओटावा: कनाडा में नौकरी कर रहे भारतीयों समेत विदेशी कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने Canada Work Permit से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए निर्देशों के मुताबिक, जिन कर्मचारियों की कंपनी का लेबर मार्केट इम्पैक्ट असेसमेंट (LMIA) आवेदन लंबित है, उनके योग्य वर्क परमिट आवेदन पर फैसला अब LMIA का नतीजा आने के बाद ही लिया जाएगा। इससे सरकारी प्रक्रिया में देरी के कारण आवेदन रिजेक्ट होने का खतरा कम होगा।

अब LMIA का फैसला आने तक रुका रहेगा वर्क परमिट आवेदन

कनाडा में पहले उन कर्मचारियों को परेशानी होती थी, जिनकी कंपनी ने LMIA के लिए आवेदन किया था, लेकिन सरकारी विभाग से समय पर मंजूरी नहीं मिल पाती थी। ऐसे मामलों में वर्क परमिट की प्रक्रिया आगे बढ़ाना मुश्किल हो जाता था।

कनाडा में Work Permit के नए नियम लागू, LMIA में देरी होने पर रिजेक्ट नहीं होगा आवेदन

पुराने नियमों के तहत इमिग्रेशन अधिकारी लंबित LMIA का फैसला आने के लिए अधिकतम 90 दिनों तक आवेदन रोक सकते थे। इस दौरान मंजूरी नहीं मिलने पर कर्मचारी का वर्क परमिट आवेदन खारिज होने का जोखिम रहता था।

अब इस समय सीमा को हटाया गया है। IRCC के नए निर्देशों के अनुसार, योग्य आवेदन पर फैसला तब तक नहीं लिया जाएगा, जब तक संबंधित LMIA का नतीजा नहीं आ जाता।

इससे पहले 21 अगस्त 2026 को कनाडा सरकार ने यह समय सीमा 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन की थी। अब 28 अक्टूबर के बदलाव के बाद 90 दिनों की बाध्यता भी खत्म हो गई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वर्क परमिट जल्दी जारी होगा या सभी आवेदकों को मंजूरी मिल जाएगी।

LMIA क्या है और किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

LMIA यानी लेबर मार्केट इम्पैक्ट असेसमेंट एक सरकारी प्रक्रिया है, जिसके जरिए कनाडा की कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने की जरूरत साबित करती हैं।

इसकी जांच एंप्लॉयमेंट एंड सोशल डेवलपमेंट कनाडा (ESDC) करता है। विभाग यह देखता है कि संबंधित नौकरी के लिए कनाडा का कोई योग्य नागरिक या स्थायी निवासी उपलब्ध है या नहीं।

कंपनी को निर्धारित भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसमें स्थानीय उम्मीदवारों के लिए नौकरी का विज्ञापन देना और कई मामलों में 1,000 कनाडाई डॉलर की आवेदन फीस जमा करना भी शामिल है।

नया बदलाव मुख्य रूप से उन विदेशी कर्मचारियों के लिए है, जो पहले से कनाडा में मौजूद हैं और Concurrent Processing के तहत आवेदन करते हैं।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कर्मचारी का मौजूदा वर्क परमिट दो सप्ताह या उससे कम समय में समाप्त होने वाला होना चाहिए। इसके अलावा कंपनी ने LMIA के लिए पहले से पूरा आवेदन जमा किया हो और उस पर फैसला लंबित हो।कंपनी को आवेदन इतनी पहले जमा करना जरूरी है कि सामान्य परिस्थितियों में कर्मचारी का मौजूदा परमिट खत्म होने से पहले LMIA का नतीजा आने की उचित उम्मीद हो।

इसलिए नया नियम उन सभी भारतीयों पर अपने आप लागू नहीं होगा, जो भारत से कनाडा में नौकरी करने के लिए पहली बार वर्क परमिट मांग रहे हैं।

भारतीय वर्कर्स के लिए क्या बदलेगा?

कनाडा में नौकरी कर रहे भारतीयों को इस नए नियम से राहत मिल सकती है। खासकर उन लोगों को, जिनका वर्क परमिट खत्म होने वाला है, लेकिन उनकी कंपनी को अभी तक LMIA की मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे योग्य मामलों में अब केवल 90 दिन पूरे होने के कारण आवेदन खारिज नहीं होगा।

अगर कोई कर्मचारी अपना वर्क परमिट खत्म होने से पहले उसे बढ़वाने के लिए आवेदन कर देता है, तो उसे Maintained Status मिल सकता है। इसके तहत कुछ शर्तों के साथ आवेदन पर फैसला आने तक कनाडा में काम जारी रखने की अनुमति मिल सकती है।

भारतीय कर्मचारियों को अपने मौजूदा परमिट की एक्सपायरी डेट, कंपनी के LMIA आवेदन की स्थिति और जरूरी दस्तावेजों पर ध्यान देना चाहिए। नियमों की पूरी जानकारी और ताजा निर्देश कनाडा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट Canada.ca पर देखे जा सकते हैं।

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