राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले जतिन कुमार ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और बाद में FCI की नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में असफल हुए, लेकिन बिना कोचिंग पढ़ाई जारी रखी और दूसरे प्रयास में 364वीं रैंक हासिल की।
IAS Jatin Kumar Success Story: यूपीएससी की तैयारी करने वाले कई युवाओं के सामने सबसे बड़ी परेशानी नौकरी और पढ़ाई के बीच समय निकालने की होती है। राजस्थान के जतिन कुमार भी इसी दौर से गुजरे। अच्छी सरकारी नौकरी होने के बावजूद उन्होंने IAS बनने के लिए बड़ा फैसला लिया। पहली बार परीक्षा में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यूट्यूब, खुद के बनाए नोट्स और लगातार रिवीजन के सहारे उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की। उनकी कहानी उन छात्रों के लिए खास है, जो बिना महंगी कोचिंग के UPSC की तैयारी करना चाहते हैं।
सरकारी स्कूल से शुरू हुआ जतिन कुमार का सफर
जतिन कुमार राजस्थान के अलवर जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। उनका परिवार साधारण पृष्ठभूमि से आता है। शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल में हुई, जहां से उन्होंने 10वीं तक की शिक्षा पूरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए अलवर चले गए।
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जतिन ने 12वीं में बायोलॉजी विषय लिया था। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉलेज में केमिस्ट्री ऑनर्स से ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के दौरान उनकी दिलचस्पी केवल किताबों तक सीमित नहीं रही। वे कॉलेज में छात्रों से जुड़े मुद्दों को भी उठाते थे।
कॉलेज में प्रदर्शन के दौरान मुंडवा लिया था सिर
जतिन अपने कॉलेज के दिनों में छात्र राजनीति से जुड़े रहे। वे छात्रों की परेशानियों को लेकर आवाज उठाते थे। साल 2017 में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ हुए एक प्रदर्शन में उन्होंने अपना सिर तक मुंडवा लिया था।
एक इंटरव्यू में जतिन ने बताया था कि उस समय विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इसी के विरोध में उन्होंने सिर मुंडवाकर नाराजगी जताई थी।
2017 में मिली सरकारी नौकरी, फिर भी जारी रखी पढ़ाई
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 2017 में जतिन कुमार का चयन भारतीय खाद्य निगम (FCI) में हो गया। सरकारी नौकरी मिलने से परिवार को भी राहत मिली। हालांकि, जतिन आगे पढ़ना चाहते थे।
उन्होंने नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए भूगोल विषय में एमए की डिग्री हासिल की। इसी दौरान उनका ध्यान यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तरफ बढ़ा।
पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाए
जतिन ने नौकरी के साथ UPSC की तैयारी शुरू की और 2021 में पहली बार परीक्षा दी। इस प्रयास में वे शुरुआती परीक्षा यानी प्रीलिम्स पास नहीं कर पाए। कुछ अंकों से उनका चयन रुक गया।
इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी के तरीके पर दोबारा विचार किया। परिवार ने भी उनका साथ दिया। खासकर बड़े भाई ने उन्हें पूरा समय यूपीएससी की पढ़ाई में लगाने की सलाह दी।
जतिन ने आखिरकार FCI की नौकरी छोड़ने का फैसला किया। यह कदम उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद परीक्षा में सफलता मिलने की कोई गारंटी नहीं थी।
बिना कोचिंग के कैसे की यूपीएससी की तैयारी?
जतिन कुमार ने यूपीएससी की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद करीब डेढ़ साल तक उनका ज्यादातर समय पढ़ाई में बीता। वह किसी कोचिंग संस्थान में नहीं गए। घर पर किताबों से पढ़ते और जरूरत पड़ने पर इंटरनेट की मदद लेते थे। कई बार कोई टॉपिक समझने में दिक्कत आती तो उससे जुड़ा वीडियो यूट्यूब पर देख लेते। इस तरह वह अपने हिसाब से पढ़ाई करते रहे।
दूसरे प्रयास में मिली 364वीं रैंक
जतिन कुमार का पहला प्रयास सफल नहीं रहा था। परीक्षा देने के बाद उन्हें अंदाजा हो गया था कि किन विषयों पर अभी और मेहनत करनी है। अगली बार उन्होंने उन्हीं विषयों को ज्यादा समय दिया। साल 2023 में वह फिर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुए। इस बार उन्हें देशभर में 364वीं रैंक मिली और उनका चयन आईएएस के लिए हो गया।











