नीट पीजी 2026 में सीट मिलने के बाद हर छात्र को तुरंत पहले साल की फीस नहीं भरनी होगी। एनबीईएमएस ने फीस जमा करने के तरीके में बदलाव किया है। जो छात्र अपनी सीट रखना चाहते हैं, उन्हें संबंधित अस्पताल में भुगतान करना होगा। बेहतर सीट के लिए अगले राउंड में जाने वाले उम्मीदवार अभी फीस रोक सकते हैं।
नई दिल्ली: मेडिकल पीजी में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए फीस को लेकर नई जानकारी सामने आई है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने पहले साल की कोर्स फीस जमा करने की व्यवस्था बदल दी है। अब फीस भरने का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि छात्र मिली हुई सीट पर एडमिशन ले रहा है या अगले राउंड में दूसरा कॉलेज चाहता है। यह नियम एनबीईएमएस से मान्यता प्राप्त अस्पतालों की संबंधित सीटों पर लागू होगा।
मिली हुई सीट पर एडमिशन लेना है तो फीस कहां भरें?
नीट पीजी काउंसलिंग में कई छात्रों को पहले राउंड में ही अपनी पसंद का अस्पताल या कोर्स मिल जाता है। ऐसे में वे आगे की काउंसलिंग में जाने के बजाय उसी सीट पर एडमिशन लेना पसंद करते हैं।
इन उम्मीदवारों को फ्रीज का विकल्प चुनना होता है। इसके बाद उन्हें पहले साल की कोर्स फीस उसी एनबीईएमएस मान्यता प्राप्त अस्पताल में जमा करनी होगी, जहां उनकी सीट लगी है।
नई व्यवस्था के तहत यह पैसा एनबीईएमएस के खाते में नहीं भेजना होगा। छात्र सीधे अपने आवंटित अस्पताल में फीस देंगे। साथ ही उन्हें काउंसलिंग में तय तारीख तक वहां पहुंचकर जॉइनिंग और दस्तावेजों की जांच पूरी करानी होगी।
दूसरे राउंड में बेहतर सीट चाहिए तो क्या करना होगा?
पहली बार सीट मिलने पर हर छात्र उससे संतुष्ट हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ उम्मीदवार अपने पसंदीदा कॉलेज में जाना चाहते हैं तो कुछ को दूसरे विषय में दाखिला मिलने की उम्मीद रहती है।
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ऐसे छात्रों के लिए फ्लोट या अपग्रेडेशन का विकल्प रहता है। एनबीईएमएस के बदले हुए नियमों के अनुसार, इस विकल्प को चुनने वालों को पहले साल की कोर्स फीस फिलहाल जमा नहीं करनी होगी।
मसलन, किसी छात्र को पहले राउंड में एक अस्पताल मिला है, लेकिन वह अगले राउंड में दूसरा अस्पताल पाना चाहता है। अब उसे पहली सीट के लिए एडवांस में पूरे साल की फीस देने की जरूरत नहीं होगी।
अगर अगले राउंड में उसे दूसरी सीट मिल जाती है, तो वह नए अस्पताल में एडमिशन लेकर वहीं फीस भर सकेगा। इससे पहले जमा किए गए पैसे वापस लेने या एक संस्थान से दूसरे संस्थान में ट्रांसफर कराने की परेशानी कम हो सकती है।हालांकि यह व्यवस्था सिर्फ पहले साल की कोर्स फीस से जुड़ी है। छात्रों को काउंसलिंग के बाकी नियमों और रिपोर्टिंग की समयसीमा का पालन पहले की तरह करना होगा।
NEET PG 2026 काउंसलिंग में रिपोर्टिंग कब तक करनी है?
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने पहले राउंड का अंतिम सीट आवंटन परिणाम 24 अक्टूबर 2026 को जारी किया था। इसके बाद 26 अक्टूबर से अस्पतालों में रिपोर्टिंग शुरू हुई। पहले राउंड में सीट पाने वाले उम्मीदवारों को 2 नवंबर तक जॉइन करना होगा।
दूसरे राउंड का रिजल्ट 14 नवंबर को जारी होने का कार्यक्रम है। इसमें सीट पाने वाले छात्र 16 से 23 नवंबर के बीच संबंधित अस्पताल में रिपोर्ट कर सकेंगे।
तीसरे राउंड का परिणाम 4 दिसंबर को आने की संभावना है। इसके लिए 5 से 12 दिसंबर तक रिपोर्टिंग की तारीख रखी गई है।
तीन राउंड पूरे होने के बाद खाली रह गई सीटों के लिए ऑनलाइन स्ट्रे वैकेंसी राउंड होगा। इसका परिणाम 24 दिसंबर को जारी करने का कार्यक्रम है। इस राउंड में सीट मिलने पर 31 दिसंबर तक जॉइनिंग करनी होगी।
ये तारीखें एमसीसी के काउंसलिंग कार्यक्रम के अनुसार हैं। छात्र किसी बदलाव की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से ले सकते हैं।
फीस बाद में भरेंगे, लेकिन रिपोर्टिंग समय पर करनी होगी
एनबीईएमएस ने फीस जमा करने के नियमों में बदलाव किया है, लेकिन अस्पताल में रिपोर्ट करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया है।
जिन उम्मीदवारों ने अपनी सीट फ्रीज कर दी है, उन्हें उसी काउंसलिंग राउंड की आखिरी तारीख तक संबंधित अस्पताल पहुंचना होगा। वहां दस्तावेजों की जांच के साथ जॉइनिंग की बाकी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अगले राउंड में जाने वाले उम्मीदवारों को भी एमसीसी के तय नियम मानने होंगे। फीस जमा नहीं करने की छूट मिलने का यह मतलब नहीं है कि वे अपनी रिपोर्टिंग या दूसरे जरूरी काम बाद में कर सकते हैं।
सीट अपग्रेड होने पर ट्रेनिंग की तारीख भी बदलेगी
मेडिकल पीजी में पढ़ाई के साथ अस्पताल में ट्रेनिंग भी होती है। उम्मीदवार की ट्रेनिंग कब से मानी जाएगी, इसे लेकर एनबीईएमएस ने जानकारी दी है।
अगर किसी छात्र को अगले राउंड में बेहतर सीट मिलती है और वह दूसरे अस्पताल में दाखिला लेता है, तो उसकी ट्रेनिंग वहीं जॉइन करने की तारीख से शुरू मानी जाएगी।
जिन छात्रों की सीट नहीं बदलती और वे पहले मिले अस्पताल में ही दाखिला लेते हैं, उनकी ट्रेनिंग उस अस्पताल में जॉइनिंग की तारीख से गिनी जाएगी।
एनबीईएमएस का रजिस्ट्रेशन पोर्टल कब खुलेगा?
नीट पीजी 2026 काउंसलिंग के दौरान एनबीईएमएस का ऑनलाइन पोर्टल फॉर जॉइनिंग एंड रजिस्ट्रेशन (OPJR) बंद रहेगा। एमसीसी की काउंसलिंग पूरी होने के बाद इसे खोला जाएगा। तब छात्र और अस्पताल जॉइनिंग से जुड़े दस्तावेज और दूसरी जरूरी जानकारी ऑनलाइन जमा कर पाएंगे।
पोर्टल किस तारीख से खुलेगा, इस बारे में अभी अलग से सूचना आनी बाकी है। एनबीईएमएस इसके लिए नोटिस जारी करेगा। फिलहाल जिन छात्रों को सीट मिल चुकी है, उन्हें अपने अस्पताल में तय तारीख तक रिपोर्ट करना होगा। ओपीजेआर पर बाद में होने वाले रजिस्ट्रेशन के लिए अस्पताल की जॉइनिंग नहीं टाली जा सकती।
नए नियमों से मेडिकल छात्रों को क्या फायदा मिलेगा?
पहले राउंड में मिली सीट से संतुष्ट नहीं होने वाले छात्रों के लिए फीस का नया नियम राहत देने वाला है। अब वे अगले राउंड में बेहतर कॉलेज या कोर्स मिलने का इंतजार कर सकते हैं। इस दौरान उन्हें पहले साल की कोर्स फीस जमा नहीं करनी पड़ेगी।
पहले एक अस्पताल में फीस जमा करने के बाद दूसरे अस्पताल में सीट मिलने पर पैसे वापस लेने या ट्रांसफर कराने की परेशानी हो सकती थी। नई व्यवस्था में अपग्रेडेशन चाहने वाले छात्रों को शुरुआती सीट के लिए फीस नहीं देनी होगी।
हालांकि जिन छात्रों ने अपनी सीट फाइनल कर ली है, उन्हें संबंधित अस्पताल में पहले साल की फीस जमा करनी होगी। साथ ही रिपोर्टिंग और जॉइनिंग का काम भी तय तारीख तक पूरा करना होगा।
उम्मीदवार काउंसलिंग से जुड़ी नई जानकारी के लिए एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in और एनबीईएमएस की वेबसाइट natboard.edu.in देख सकते हैं।










