मध्य प्रदेश की दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली की विशेष MP-MLA कोर्ट ने 27 साल पुराने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हेराफेरी मामले में उन्हें दोषी करार दिया और तीन साल की सजा सुनाई।
नई दिल्ली: Rajendra Bharti, जो मध्य प्रदेश की दतिया सीट से कांग्रेस विधायक हैं, को दिल्ली की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने 27 साल पुराने फिक्स्ड डिपॉजिट हेराफेरी मामले में दोषी ठहराया है। गुरुवार को कोर्ट ने Rajendra Bharti को तीन साल की सजा सुनाई और उन्हें जमानत भी प्रदान की। इस फैसले के बाद उनकी विधायकी पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है और राजनीतिक माहौल में तनाव बढ़ गया है। सह-आरोपी, पूर्व बैंक लिपिक Raghuveer Prajapati को भी दोषी ठहराया गया है, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है।
मामले का इतिहास और आरोप
वर्ष 1998 में जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (भूमि विकास बैंक) के अध्यक्ष थे, उन्होंने अपनी मां सावित्री श्याम के नाम पर 10 लाख रुपये की FD कराई थी। मूल FD की अवधि 3 साल और ब्याज दर 13.5% थी। आरोप है कि भारती ने बैंक के कर्मचारी रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर FD के दस्तावेजों में हेराफेरी की। उन्होंने FD की अवधि पहले 10 साल और फिर 15 साल कर दी, जबकि ब्याज दर 13.5% को बनाए रखा। इससे बैंक को आर्थिक नुकसान हुआ।
मामले का खुलासा और कानूनी कार्रवाई

साल 2011 में भाजपा नेता पप्पू पुजारी बैंक अध्यक्ष बने और उन्होंने इस अनियमितता को सामने लाया। सहकारिता विभाग की जांच में FD पर ऑडिट आपत्ति दर्ज हुई। जब भारती ने FD की राशि मांगने की कोशिश की, तो बैंक ने भुगतान से इनकार किया। इसके बाद भारती ने उपभोक्ता फोरम, राज्य फोरम, राष्ट्रीय फोरम और अंततः सुप्रीम कोर्ट तक अपील की, लेकिन राहत नहीं मिली।
2015 में तत्कालीन कलेक्टर प्रकाश जांगरे की पहल पर मामला दर्ज हुआ। केस में आईपीसी की धाराएं लगाई गईं:
- धारा 120बी – आपराधिक साजिश
- धारा 420 – धोखाधड़ी
- धारा 467, 468, 471 – जालसाजी से संबंधित
बाद में मामला ग्वालियर से दिल्ली की MP-MLA कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, अदालत ने अंतरिम जमानत भी दी है। विधायक के बेटे अनुज भारती ने कहा कि फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। वरिष्ठ वकीलों के अनुसार, हाईकोर्ट अगर सजा पर स्टे (स्थगन) दे देता है तो विधायक की विधायकी बच सकती है।










