पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव तक लगभग दो महीने का समय बचा है और इस बार की राजनीति मुख्य रूप से बीजेपी बनाम टीएमसी की लड़ाई पर केंद्रित है। बीजेपी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य की राजनीति में हलचल तेज होती जा रही है। एक ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सत्ता बचाने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरे दमखम के साथ बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसी रणनीति के तहत बीजेपी ने कुछ नए और चर्चित चेहरों को आगे किया है, जिनमें पामेला गोस्वामी का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है।
पामेला गोस्वामी: बीजेपी का उभरता चेहरा
पामेला गोस्वामी वर्तमान में पश्चिम बंगाल में बीजेपी की राज्य सचिव हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में भाजपा जॉइन की थी और बहुत कम समय में पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए पहचान बनाई। वर्ष 2020 में उन्हें पार्टी के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की राज्य सचिव नियुक्त किया गया। इसके बाद से वह लगातार संगठनात्मक गतिविधियों और जमीनी स्तर पर सक्रिय दिखाई दीं।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी पश्चिम बंगाल में महिला और युवा मतदाताओं को साधने के लिए नए चेहरों को आगे बढ़ा रही है। पामेला गोस्वामी को इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। उनके ग्लैमर बैकग्राउंड, मीडिया में पकड़ और युवाओं के बीच लोकप्रियता को बीजेपी अपनी चुनावी रणनीति में भुनाने की कोशिश कर रही है।

2021 का विवाद और राजनीतिक आरोप
पामेला गोस्वामी पहली बार 2021 में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं, जब उन्हें बंगाल पुलिस ने ड्रग्स रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस घटना ने उस समय बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। बीजेपी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया और आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। बाद में पामेला गोस्वामी को ड्रग्स से जुड़े सभी आरोपों से बरी कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने इसे अपने राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा बताया।
पामेला गोस्वामी का जन्म 14 मई 1993 को कोलकाता में हुआ था। उनके पिता का नाम कौशिक गोस्वामी और माता का नाम मधुचंदा गोस्वामी है। उनकी एक बहन भी हैं। पामेला ने कोलकाता के प्रतिष्ठित स्कूलों से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और बाद में द हेरिटेज अकादमी, कोलकाता से पढ़ाई की। उन्होंने एमबीए की डिग्री हासिल की है और बंगाली, हिंदी व अंग्रेजी भाषाओं में दक्ष हैं।
ग्लैमर से राजनीति तक का सफर

राजनीति में आने से पहले पामेला गोस्वामी का करियर ग्लैमर इंडस्ट्री से जुड़ा रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की और बाद में इंडिगो एयरलाइंस में बतौर सीनियर केबिन क्रू काम किया। इसके साथ ही उन्हें बंगाली फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में भी काम करने का अवसर मिला।
उन्होंने वर्ष 2010 में बंगाली फिल्म ‘मोन चाय टोम’ से अभिनय की शुरुआत की और बाद में कई फिल्मों व टीवी सीरियल्स में नजर आईं। वर्ष 2016 में रिलीज हुई फिल्म ‘संपर्क’ को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी।
फिल्मी करियर के दौरान ही पामेला गोस्वामी ने इंटीरियर डिजाइनिंग बिजनेस की शुरुआत की। उन्होंने प्रोबिर एंजेलिना मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई और अपने ब्रांड ‘रोकोको’ के जरिए कारोबार किया। सामाजिक कार्यों और युवाओं से जुड़ाव ने उन्हें राजनीति की ओर आकर्षित किया।











