मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: पांच उग्रवादी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद

मणिपुर के चंदेल और इम्फाल ईस्ट में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग ऑपरेशन में 5 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और AK राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार व विस्फोटक बरामद।

मणिपुर के चंदेल और इम्फाल ईस्ट जिलों में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में 5 सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। साथ ही AK राइफल, SLR, कार्बाइन और विस्फोटक सामग्री सहित भारी हथियार बरामद किए गए हैं।

चंदेल: मणिपुर में दो दिनों तक चले अलग-अलग अभियानों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े पांच सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अलग छापेमारी में भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियों पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है।

चंदेल जिले में चार उग्रवादी कैडरों की गिरफ्तारी

2 जून 2026 को मणिपुर के चंदेल जिले में सुरक्षा बलों ने एक विशेष अभियान चलाकर चार सक्रिय उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मोलचाम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत खांगटुंग गांव के पास बीपी-67 इलाके में की गई।

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए थे। इनमें KCP, KYKL और PREPAK के सक्रिय सदस्य शामिल बताए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मईंग्लाम्बम गांधी सिंह (24), लांगपोकलपम सुशील सिंह (25), लाइटोनजम कन्हैया सिंह (26) और कांगजम नरेश मैतेई (20) के रूप में हुई है। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों, भर्ती और स्थानीय स्तर पर नेटवर्किंग जैसे कार्यों में सक्रिय थे।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये कैडर स्थानीय स्तर पर संगठन को पुनर्गठित करने और नए युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल सामग्री भी बरामद की गई, जिनकी जांच जारी है।

इम्फाल ईस्ट में एक और उग्रवादी कैडर गिरफ्तार

3 जून 2026 को इम्फाल ईस्ट जिले में सुरक्षा बलों ने एक अलग ऑपरेशन के दौरान एक सक्रिय उग्रवादी कैडर को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई लमलाई पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत साओम्बुंग खुनजाओ इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास की गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान थांगजाम न्गानबा मीतेई उर्फ इनाओ उर्फ लेइशाबी (23) के रूप में हुई है, जो PREPAK से जुड़ा हुआ बताया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, यह कैडर संगठन की लॉजिस्टिक सपोर्ट गतिविधियों और स्थानीय नेटवर्क को मजबूत करने में भूमिका निभा रहा था। गिरफ्तारी के दौरान एक चारपहिया वाहन और अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त की गई है, जिनकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।

इरिलबुंग क्षेत्र में हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद

इसी दिन इम्फाल ईस्ट जिले के इरिलबुंग थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक अलग तलाशी अभियान के दौरान एक झोपड़ी से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की।

बरामद हथियारों में दो AK-सीरीज राइफल, एक SLR राइफल, एक 9 मिमी कार्बाइन, चार हैंड ग्रेनेड, दो AK राइफल मैगजीन, एक SLR मैगजीन और अलग-अलग कैलिबर की कुल 42 गोलियां शामिल हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह हथियारों का जखीरा किसी बड़े उग्रवादी नेटवर्क द्वारा छिपाकर रखा गया था, जिसका इस्तेमाल क्षेत्र में हिंसक गतिविधियों के लिए किया जा सकता था। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी घटना को टालने में सफलता मिली है।

सुरक्षा बलों की रणनीतिक कार्रवाई और खुफिया इनपुट की भूमिका

इन सभी अभियानों को राज्य पुलिस, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त समन्वय से अंजाम दिया गया। खुफिया जानकारी के आधार पर लक्षित छापेमारी की गई, जिससे प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिली है।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में मणिपुर में उग्रवादी गतिविधियों पर लगातार निगरानी बढ़ाई गई है। तकनीकी निगरानी, स्थानीय सूचना तंत्र और ग्राउंड इंटेलिजेंस के आधार पर इन ऑपरेशनों को सफल बनाया गया।

क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति बहाली के प्रयास

मणिपुर लंबे समय से विभिन्न उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों से प्रभावित रहा है। हालांकि हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के चलते कई नेटवर्क कमजोर हुए हैं, लेकिन छोटे स्तर पर सक्रिय कैडरों की मौजूदगी अब भी चुनौती बनी हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की गिरफ्तारियां और हथियारों की बरामदगी क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगती है, बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होती है।

जांच जारी, बड़े नेटवर्क की तलाश तेज

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संकेत दिए हैं कि गिरफ्तार किए गए कैडरों से पूछताछ के आधार पर बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। यह भी संभावना है कि इन संगठनों के कुछ ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) सक्रिय रूप से क्षेत्र में काम कर रहे हों।

अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

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