मुरादाबाद में फैक्ट्री में भीषण आग, 2 किमी दूर तक दिखा धुएं का गुबार आसपास का इलाका खाली कराया

मुरादाबाद में फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग से उठता धुएं का गुबार 2 किमी दूर तक दिखाई दिया। सुरक्षा के लिए आसपास का इलाका खाली कराया गया।
मुरादाबाद में फैक्ट्री में भीषण आग, 2 किमी दूर तक दिखा धुएं का गुबार आसपास का इलाका खाली कराया
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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेज थी कि फैक्ट्री से उठता धुएं का घना गुबार करीब दो किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा। देखते ही देखते आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। आग की भयावहता को देखते हुए एहतियात के तौर पर फैक्ट्री के आसपास का इलाका खाली कराया गया, ताकि किसी तरह की अनहोनी की स्थिति में लोगों की जान को खतरा न हो।

बताया जा रहा है कि फैक्ट्री परिसर में आग लगने के बाद कुछ ही समय में हालात गंभीर हो गए। आग की लपटें लगातार तेज होती गईं और बड़ी मात्रा में धुआं निकलने लगा। दूर से ही धुएं का गुबार नजर आने के कारण आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके की तरफ पहुंचने लगे, लेकिन आग की स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की हिदायत दी गई।

फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को जानकारी दी गई। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग का दायरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए दमकल कर्मियों ने आसपास के हिस्सों पर भी नजर रखी। फैक्ट्री परिसर में मौजूद सामान के कारण आग को नियंत्रित करने में चुनौती आने की आशंका बनी रही। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मी लगातार प्रयास करते रहे।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। प्रशासन की प्राथमिकता आग को आसपास की दूसरी इमारतों और प्रतिष्ठानों तक पहुंचने से रोकना रही। जिस तरह से धुएं का गुबार काफी दूर से दिखाई दे रहा था, उससे आग की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास की गतिविधियों को भी नियंत्रित किया गया।

फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। आमतौर पर औद्योगिक इकाइयों में मशीनरी, बिजली के उपकरण, कच्चा माल या अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद रहती है, ऐसे में आग लगने के बाद उसके तेजी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इस मामले में आग किस वजह से लगी, इसका वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस और दमकल विभाग की टीम घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।

आग की सूचना फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा होने लगी थी। हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोगों को घटनास्थल से दूर किया गया। किसी भी बड़ी आग की घटना में सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि लपटें आसपास मौजूद अन्य दुकानों, फैक्ट्रियों या भवनों तक न पहुंच जाएं। इसी वजह से आसपास का इलाका खाली कराने का फैसला एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया।

फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं काफी ऊंचाई तक दिखाई दे रहा था। करीब दो किलोमीटर दूर मौजूद लोगों ने भी आसमान में उठते धुएं के गुबार को देखा। इससे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने और दमकल वाहनों के लिए रास्ता साफ रखने का प्रयास किया, ताकि राहत और बचाव का काम प्रभावित न हो।

दमकल विभाग की टीम आग के अलग-अलग हिस्सों पर पानी की बौछार कर उसे नियंत्रित करने में जुटी रही। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि फैक्ट्री के अंदर कितना नुकसान हुआ है। फिलहाल नुकसान का सटीक आकलन सामने नहीं आया है। फैक्ट्री में रखी मशीनरी, सामान और अन्य संसाधनों को कितना नुकसान हुआ, इसकी जानकारी आग पूरी तरह बुझने और निरीक्षण के बाद सामने आने की उम्मीद है।

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फैक्ट्रियों में आग से बचाव के लिए पर्याप्त उपकरण, आपातकालीन निकास, अग्निशमन व्यवस्था और नियमित सुरक्षा जांच बेहद जरूरी होती है। किसी भी औद्योगिक इकाई में आग लगने पर शुरुआती कुछ मिनट काफी महत्वपूर्ण होते हैं। समय रहते दमकल विभाग को सूचना मिलने और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने से बड़े नुकसान की आशंका को कम किया जा सकता है।

फिलहाल प्रशासन और दमकल विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आग पर पूरी तरह नियंत्रण के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया जाएगा और आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सबसे राहत की बात यही है कि प्रशासन ने समय रहते आसपास के इलाके को खाली कराकर लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

 

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