पटना के महाराष्ट्र मंडल में गणेश चतुर्थी पर मुंबई के लालबाग के राजा की 5.5 फीट प्रतिमा स्थापित की गई है। मीनाक्षी मंदिर की थीम पर बने पंडाल में गणपति को 55 लाख का रत्नजड़ित सोने का मुकुट पहनाया गया।
पटना: महाराष्ट्र मंडल में गणेश चतुर्थी के मौके पर भव्य आयोजन किया जा रहा है। यहां मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की 5.5 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। गणपति को हीरा, पन्ना और माणिक जड़ित 55 लाख रुपये का सोने का मुकुट पहनाया गया है। इस बार पंडाल मदुरई के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है।
मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर तैयार हुआ पंडाल
पटना में महाराष्ट्र मंडल की ओर से गणेश चतुर्थी का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस बार यहां मदुरई के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल के अंदर की सजावट भी मंदिर की थीम के अनुरूप की गई है।

महाराष्ट्र मंडल के सचिव संजय भोंसले के अनुसार, पंडाल तैयार करने के लिए मुंबई से 12 कारीगर आए थे। इन कारीगरों ने करीब एक महीने में पंडाल तैयार किया है। गणेश प्रतिमा के लिए साढ़ू मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है।
मुंबई से आई लालबाग के राजा की प्रतिमा
महाराष्ट्र मंडल में मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की 5.5 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा को विशेष रूप से मुंबई से पटना लाया गया है। 14 सितंबर को विधि-विधान के साथ प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई और इसके बाद आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
गणपति को हीरा, पन्ना और माणिक जड़ित 55 लाख रुपये का सोने का मुकुट पहनाया गया है। इस मुकुट की वजह से भी महाराष्ट्र मंडल का गणेशोत्सव आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
गणपति स्थापना के लिए महाराष्ट्र के सांगली से प्रशांत जागीरदार के नेतृत्व में पांच पंडित पटना पहुंचे हैं। पहले दिन भगवान गणेश को 501 मोदक का भोग लगाया गया।
10 दिनों तक चलेगा गणेशोत्सव
आचार्य राकेश झा ने बताया कि चतुर्थी तिथि आज सुबह 7:28 बजे के बाद शुरू हुई। इसके चलते कई श्रद्धालु 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मना रहे हैं, जबकि उदयातिथि को मानने वाले कुछ लोग 15 सितंबर को गणेश पूजा करेंगे।
गणेशोत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाएगा। यह पर्व पूरे 10 दिनों तक हर्षोल्लास के साथ चलेगा।
आचार्य राकेश झा के मुताबिक मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा को सबसे शुभ और उत्तम माना जाता है। ऐसी प्रतिमा में पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश यानी पंचतत्वों का समावेश माना जाता है। मिट्टी की प्रतिमा पानी में आसानी से घुल जाती है, जिससे पर्यावरण को भी लाभ मिलता है।
कोलकाता की लाइटिंग और नासिक का झांझ पथक आकर्षण
गणेशोत्सव के दौरान कोलकाता के चंदन नगर की लाइटिंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। पंडाल में बंगाल के फूलों से सजावट भी की गई है। 20 सितंबर को सुबह 11 बजे से महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा।
इसके बाद गणपति विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। इसमें नासिक से आने वाली 60 सदस्यीय झांझ पथक टीम शामिल होगी। टीम में 20 लड़कियां और 40 लड़के होंगे। सदस्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ करतब प्रस्तुत करेंगे।
राज्यपाल ने की गणेश पूजा
गणेशोत्सव में राज्यपाल सैयद अता हसनैन भी शामिल हुए। वह पंडाल में सिर पर पगड़ी पहनकर पहुंचे और भगवान गणेश की आरती की। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
महाराष्ट्र मंडल में गणेश चतुर्थी को लेकर विशेष सजावट की गई है। मराठी वेशभूषा में भी श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे। गणेश प्रतिमा, रत्नजड़ित मुकुट, मंदिर की थीम पर बना पंडाल और विशेष लाइटिंग इस बार के आयोजन के प्रमुख आकर्षण हैं।












