मुंबई के घाटकोपर में भारी बारिश के बीच भूस्खलन से कई घर मलबे में दब गए। हादसे में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि छह से आठ लोगों के फंसे होने की आशंका है। NDRF, दमकल और पुलिस की टीमें रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
मुंबई: महारष्ट्र की राजधानी मुंबई में भारी बारिश के बीच बुधवार सुबह घाटकोपर इलाके में भूस्खलन की गंभीर घटना सामने आई। घाटकोपर-कुर्ला रोड के पास अशोक नगर इलाके में हुए लैंडस्लाइड के कारण कई घर मलबे की चपेट में आ गए। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। घटना के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, NDRF, BMC और एंबुलेंस सेवा की टीमें बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
तड़के करीब 3:48 बजे हुआ भूस्खलन
यह हादसा बुधवार सुबह करीब 3:48 बजे अशोक नगर इलाके में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण पहाड़ी या ढलान वाले हिस्से की मिट्टी खिसक गई और मलबा नीचे स्थित गौसिया चॉल के कई घरों पर जा गिरा। अचानक हुए भूस्खलन से लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
मलबा कई घरों पर गिरने के कारण वहां रहने वाले लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद राहत एवं बचाव दलों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया।
मलबे से दो शव बरामद
मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारियों के अनुसार, राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे से अब तक दो शव निकाले जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका है और उनकी तलाश लगातार जारी है।
फंसे हुए लोगों की संख्या को लेकर शुरुआती जानकारी में अंतर सामने आया है। कुछ अधिकारियों ने करीब तीन से चार लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई थी, लेकिन बाद में BMC की ओर से छह से आठ लोगों के फंसे होने की संभावना बताई गई। रेस्क्यू टीमें बेहद सावधानी से मलबा हटाकर संभावित जीवित लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
दो किशोर घायल, रेस्क्यू टीम को दी जानकारी
हादसे में घायल हुए दो लोगों की पहचान 18 वर्षीय सोहेल अंसारी और 14 वर्षीय मोहम्मद अंसारी के रूप में हुई है। दोनों के पैरों में मामूली चोटें आई हैं। राहत दलों के अनुसार, दोनों प्रभावित क्षेत्र के अंदर की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सके हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल है। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाके में लोगों की सुरक्षा का आकलन कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर आसपास के निवासियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी भी की जा रही है।
NDRF और दमकल की टीमें मौके पर
भूस्खलन के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया है। BMC के अनुसार, मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, 108 एंबुलेंस सेवा, NDRF और संबंधित वार्ड कर्मचारियों की टीमों को घटनास्थल पर तैनात किया गया है।
रेस्क्यू टीमों का मुख्य ध्यान मलबे में फंसे लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है। भारी मलबे और लगातार बारिश के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। टीमें मशीनों और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का काम कर रही हैं।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। राहत कार्य के दौरान प्रभावित इलाके में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए।

DCP ने भारी बारिश को बताया प्रमुख कारण
मुंबई पुलिस के DCP गणेश शिंदे ने बताया कि अशोक नगर इलाके में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। उन्होंने दो शव बरामद होने की पुष्टि की और बताया कि बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
उन्होंने कहा कि अभियान में BMC, NDRF, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी तथा कर्मचारी शामिल हैं। बचाव दल मलबे के नीचे फंसे लोगों को खोजने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
बारिश के कारण मिट्टी और मलबे की स्थिति अस्थिर होने की वजह से रेस्क्यू टीमों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। अधिकारियों की प्राथमिकता फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना है।
मानसून से पहले घरों को दिया गया था नोटिस
इस घटना के बाद इलाके में पहले से मौजूद भूस्खलन के खतरे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। एक अधिकारी गजानन जैतापकर के अनुसार, मानसून शुरू होने से पहले इलाके के कई घरों को नोटिस जारी किया गया था।
अधिकारी ने बताया कि प्रशासन फिलहाल घटनास्थल की स्थिति का आकलन कर रहा है। यदि आवश्यक हुआ तो प्रभावित इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सकता है।
घटना ने मुंबई के उन हिस्सों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जहां ढलान, कमजोर जमीन या भूस्खलन का खतरा रहता है। मानसून के दौरान ऐसे क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण मिट्टी खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।
भारी बारिश से मुंबई में बढ़ी मुश्किलें
मुंबई में मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण जलभराव, पेड़ गिरने और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। घाटकोपर का यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब शहर और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी है।
भारी बारिश के कारण मुंबई के कई हिस्सों में यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। खासकर ढलान वाले इलाकों और संवेदनशील बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए बारिश के दौरान खतरा बढ़ जाता है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी भूस्खलन की घटनाएं
मुंबई और आसपास के इलाकों में इससे पहले भी भारी बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक क्षेत्र में भी भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हुआ था। भारी बारिश के दौरान खंडाला एग्जिट के पास मलबा आने के बाद पुणे की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात को डायवर्ट करना पड़ा था।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना रहता है। प्रशासन ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करता है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करता है।
रेस्क्यू अभियान के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
घाटकोपर के अशोक नगर में हुए भूस्खलन के बाद फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि छह से आठ लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
प्रशासन की टीमें प्रभावित घरों और आसपास के हिस्सों की स्थिति का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान पूरा होने और मलबा पूरी तरह हटाए जाने के बाद ही नुकसान और प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
भारी बारिश के बीच हुए इस हादसे ने मुंबई में मानसून के दौरान संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा और पहले से चिन्हित जोखिम वाले घरों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल राहत और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को खोजने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने पर है।











