मुजफ्फरपुर। बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती नजर आ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार देर रात मुजफ्फरपुर के मुसहरी थाना क्षेत्र में पुलिस और एक हत्या के आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। बताया जा रहा है कि यह राज्य में पिछले 24 घंटे के भीतर तीसरा पुलिस एनकाउंटर है।
पुलिस के अनुसार, हत्या के मामले में वांछित आरोपी की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। मंगलवार रात पुलिस को उसके इलाके में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने पहले आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन जब उसने लगातार फायरिंग जारी रखी तो पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा।
घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी को कहीं स्थानीय स्तर पर मदद तो नहीं मिल रही थी। घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।
बिहार में हाल के दिनों में पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई चर्चा में रही है। पिछले 24 घंटे के भीतर राज्य के अलग-अलग जिलों में यह तीसरी मुठभेड़ बताई जा रही है। इससे पहले गया और गोपालगंज में भी पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की घटनाएं सामने आई थीं।
राजनीतिक गलियारों में भी इन एनकाउंटरों को लेकर चर्चा तेज है। विपक्ष जहां पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मुठभेड़ की पूरी घटना की जांच की जाएगी और मानक प्रक्रिया के तहत सभी जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल घायल आरोपी से पूछताछ की तैयारी की जा रही है, ताकि हत्या के मामले और उसके नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकें।
नोट: पुलिस मुठभेड़ों से जुड़ी घटनाओं में प्रारंभिक जानकारी आमतौर पर पुलिस के बयान पर आधारित होती है। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।









