मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में चर्चित प्रॉपर्टी डीलर अंकित रंजन उर्फ प्रभात मिश्रा हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार देर रात मुसहरी थाना क्षेत्र के भटौलिया नहर चौमुहानी के पास हुई इस मुठभेड़ में आरोपी अमित सिंह के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसका साथी इमरान अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात करीब ढाई बजे मुसहरी और बेला थाना की संयुक्त टीम वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की काले रंग की अपाचे बाइक पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों बाइक मोड़कर भागने लगे। संदेह होने पर पुलिस टीम ने उनका पीछा शुरू किया।
करीब आधा किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने आगे से घेराबंदी कर दी। खुद को चारों तरफ से घिरता देख दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि अपराधियों की ओर से चलाई गई तीन गोलियां पुलिस वाहन में लगीं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें अमित सिंह के पैर में गोली लग गई और वह सड़क पर गिर पड़ा। वहीं उसका साथी इमरान मौके से भाग निकला।
घायल अमित सिंह को इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से 7.65 एमएम की पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, छह खोखे और बिना नंबर प्लेट की अपाचे बाइक बरामद की है। घटनास्थल की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों का कहना है कि बरामद खोखों में कुछ अपराधियों के और कुछ पुलिस की जवाबी फायरिंग के हैं।
पूछताछ में अमित सिंह ने अपने फरार साथी का नाम इमरान बताया है। उसने पुलिस को बताया कि दोनों की पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। सोशल मीडिया पर दोस्ती होने के बाद दोनों साथ मिलकर आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गए। हालांकि पुलिस का कहना है कि अमित अभी इमरान के बारे में पूरी जानकारी नहीं दे रहा है और मेडिकल ऑब्जर्वेशन खत्म होने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अमित सिंह वही आरोपी है जिसने 20 मई को रोहुआ इलाके में हुए प्रॉपर्टी डीलर अंकित रंजन उर्फ प्रभात मिश्रा की हत्या में गोली चलाई थी। वारदात का एक सीसीटी











