नयना पीक ट्रेकिंग मार्ग का होगा कायाकल्प, पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी नई सुविधाएं

नैनीताल के नयना पीक ट्रेकिंग मार्ग को बेहतर बनाने के लिए 13 लाख रुपये की योजना तैयार की गई है। पर्यटकों के लिए शौचालय, कैंटीन और नई सुविधाएं विकसित होंगी।

नैनीताल के प्रसिद्ध नयना पीक ट्रेकिंग मार्ग को बेहतर बनाने के लिए वन विभाग ने 13 लाख रुपये की योजना तैयार की है। पर्यटकों की सुविधा के लिए शौचालय, कैंटीन और अन्य व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है।

नैनीताल: नैनीताल की सबसे ऊंची चोटी नयना पीक तक पहुंचने वाले ट्रेकिंग मार्ग को जल्द नया स्वरूप मिलने वाला है। वन विभाग ने मार्ग की मरम्मत, साइनेज लगाने और पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही रिपीटर सेंटर में कथित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर जांच भी शुरू कर दी गई है।

नयना पीक ट्रेकिंग मार्ग को मिलेगा नया स्वरूप

साहसिक पर्यटन के लिए मशहूर नयना पीक नैनीताल आने वाले पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल है। हर साल हजारों पर्यटक यहां ट्रेकिंग और हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं के मनमोहक दृश्य देखने पहुंचते हैं। अब वन विभाग ने टांकी बैंड से नयना पीक तक करीब तीन किलोमीटर लंबे ट्रेकिंग मार्ग को बेहतर बनाने का फैसला किया है।

नयना पीक ट्रेकिंग मार्ग का होगा कायाकल्प, पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी नई सुविधाएं

वन विभाग के अनुसार मार्ग की मरम्मत, दिशा संकेतक बोर्ड लगाने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए लगभग 13 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जल्द ही इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटकों के लिए बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं

नयना पीक पर पहुंचने वाले पर्यटकों को लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग शौचालय निर्माण और कैंटीन जैसी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेकिंग मार्ग पर उपयुक्त स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

वर्तमान में नयना पीक क्षेत्र में स्थित वन चौकी ही पर्यटकों के लिए पीने के पानी और अन्य जरूरी जरूरतों का मुख्य केंद्र है। ऐसे में नई सुविधाओं के विकसित होने से पर्यटकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

रिपीटर सेंटर में गतिविधियों की होगी जांच

हाल ही में नयना पीक के समीप स्थित रिपीटर सेंटर और वन चौकी में खाद्य सामग्री की बिक्री का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वन चौकी में तैनात कुछ कर्मी व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हैं।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य वन संरक्षक और वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं ने नैनीताल वन प्रभाग से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बाद डीएफओ ने एसडीओ ममता चंद की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर दी है। समिति को मामले की जांच के साथ-साथ पर्यटकों की सुविधाओं को लेकर सुझाव देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे पर्यटक

इस पर्यटन सीजन में नयना पीक पर रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल और मई महीने में हजारों पर्यटकों ने नयना पीक का रुख किया। जून के मध्य तक भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच चुके हैं।

वन विभाग पर्यटकों से प्रति व्यक्ति 50 रुपये प्रवेश शुल्क लेता है। बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए प्रशासन अब यहां सुविधाओं का विस्तार करने और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में काम कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि ट्रेकिंग मार्ग के विकास और बेहतर सुविधाओं से नयना पीक का आकर्षण और बढ़ेगा, जिससे नैनीताल के पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

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