नैनीताल से पंजाब, तेलंगाना और केरल तक जुड़ा साइबर ठगी का नेटवर्क, म्यूल अकाउंट में पहुंची रकम

हल्द्वानी में संदिग्ध SBI खाते का कनेक्शन पंजाब, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु की साइबर ठगी शिकायतों से मिला। खाते में लाखों के लेनदेन मिले।

हल्द्वानी में पुलिस की जांच में एक संदिग्ध बैंक खाते का कनेक्शन पंजाब, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु की चार साइबर ठगी शिकायतों से मिला। खाते में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं।

हल्द्वानी: बनभूलपुरा पुलिस की जांच में साइबर ठगी की रकम को म्यूल अकाउंट के जरिए खपाने का मामला सामने आया है। साइबर सेल से मिले एक संदिग्ध SBI खाते की जांच में पंजाब, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु की शिकायतों से उसका कनेक्शन मिला। पुलिस के अनुसार, खाते में अलग-अलग राज्यों से जुड़े कई संदिग्ध लेनदेन दर्ज हैं और खाताधारक अपने बताए पते पर नहीं मिला।

चार राज्यों की साइबर ठगी शिकायतों से जुड़ा खाता

हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में साइबर ठगी की जांच के दौरान एक ऐसे बैंक खाते का पता चला है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया। पुलिस की जांच में इस खाते का कनेक्शन पंजाब, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों से सामने आया है।

साइबर सेल से मिले संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी के आधार पर बनभूलपुरा पुलिस ने इसकी गतिविधियों की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अलग-अलग राज्यों में हुई साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी रकम इस खाते तक पहुंची थी। पुलिस अब खाते के इस्तेमाल और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

खाते के खिलाफ चार शिकायतें मिलीं

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध बैंक खाता SBI की नवीन मंडी शाखा में नाजिल पुत्र नन्हें के नाम से संचालित है। खाताधारक का पता वार्ड नंबर 12, इंद्रानगर, बनभूलपुरा बताया गया है। जांच के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल यानी NCRP पर इस खाते के खिलाफ चार शिकायतें दर्ज मिलीं।

इन शिकायतों की जांच करने पर अलग-अलग राज्यों से जुड़े वित्तीय लेनदेन सामने आए। पंजाब की शिकायत में करीब 1.16 लाख रुपये का लेनदेन दर्ज मिला। तेलंगाना से जुड़ी शिकायत में 32 हजार रुपये की रकम खाते से संबंधित पाई गई।

इसी तरह तमिलनाडु की शिकायत में 85 हजार रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई। केरल से संबंधित शिकायत में भी खाते से जुड़े 10-10 हजार रुपये के दो लेनदेन मिले। इसके अतिरिक्त 15 हजार रुपये की एक रकम को भी होल्ड किया गया है।

पुलिस को म्यूल अकाउंट के इस्तेमाल का शक

पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इस बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने के लिए किया गया। ऐसे खातों को आमतौर पर म्यूल अकाउंट कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी अपनी पहचान छिपाने और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में पहुंचाने के लिए करते हैं।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खाता धारक की भूमिका क्या थी और खाते से होने वाले लेनदेन की जानकारी उसे थी या नहीं। इसके साथ ही पुलिस उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर इस खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम हासिल करने के लिए किया।

खाताधारक बताए गए पते पर नहीं मिला

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम नाजिल के बताए गए पते पर पहुंची, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। इसके बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब खाताधारक के वर्तमान ठिकाने और बैंक खाते के संचालन से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि खाते से जुड़े अन्य बैंकिंग लेनदेन किस तरह के थे और रकम आगे किन खातों में ट्रांसफर की गई। इन लेनदेन से साइबर ठगी के संभावित नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।

BNS की धारा 318(4) में मामला दर्ज

मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। इसके बाद विस्तृत विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच में बैंक रिकॉर्ड, साइबर शिकायतों और संदिग्ध लेनदेन को आधार बनाकर पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।

चार अलग-अलग राज्यों की शिकायतों से एक ही खाते का कनेक्शन मिलने के बाद पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित साइबर ठगी गिरोह काम कर रहा है। आगे की जांच में खाते से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संभावित लेनदेन का खुलासा होने की उम्मीद है।

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