हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय आर्यन बेलवाल अध्यक्ष चुने गए। उन्हें 1,723 वोट मिले और उन्होंने NSUI के मेहुल साह को 466 वोटों से हराया। चुनाव में ABVP प्रत्याशी धीरज बिष्ट तीसरे स्थान पर रहे।
हल्द्वानी: एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। उन्हें 1,723 वोट मिले, जबकि NSUI के मेहुल साह को 1,257 और ABVP के धीरज बिष्ट को 988 वोट मिले। आर्यन की चुनावी रणनीति में उनके पिता कृष्ण चंद्र बेलवाल की भूमिका भी रही।
एमबीपीजी कॉलेज में आर्यन बेलवाल अध्यक्ष निर्वाचित
हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में मंगलवार को हुए छात्रसंघ चुनाव के नतीजे देर रात घोषित किए गए। अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल ने जीत दर्ज की। कॉलेज के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. एलएम पांडे के अनुसार, आर्यन को 1,723 वोट मिले। NSUI प्रत्याशी मेहुल साह को 1,257 और ABVP प्रत्याशी धीरज बिष्ट को 988 वोट मिले। इस तरह आर्यन ने मेहुल साह को 466 वोटों के अंतर से हराया।

कॉलेज में अध्यक्ष समेत नौ पदों के लिए मतदान हुआ था। कुल 12,800 छात्र-छात्राएं मतदाता थे, जिनमें से 4,063 विद्यार्थियों ने मतदान किया। मतगणना शाम से शुरू होकर रात करीब 12:45 बजे तक चली और अध्यक्ष पद के लिए 18 राउंड में वोटों की गिनती हुई।
पिता ने संभाली चुनावी रणनीति
आर्यन बेलवाल की चुनावी मुहिम में उनके पिता कृष्ण चंद्र बेलवाल की भी भूमिका रही। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चुनाव प्रबंधन और रणनीति से जुड़े मामलों में बेटे का मार्गदर्शन किया और सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया के जरिए भी अपील की।
आर्यन के परिवार का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पुराना जुड़ाव बताया गया है। उनके पिता कृष्ण चंद्र बेलवाल 1990 से 1994 तक हल्द्वानी में ABVP के नगर अध्यक्ष रहे थे। इसके अलावा वे RSS से जुड़े विभिन्न दायित्वों पर भी रहे हैं। वर्तमान में वे महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में प्रवक्ता हैं।
आर्यन के दादा हरीश चंद्र बेलवाल भी RSS से जुड़े रहे हैं और 2004 से 2014 तक नैनीताल जिले में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष रहे। परिवार की सामाजिक गतिविधियों और संगठनात्मक पृष्ठभूमि का उल्लेख चुनावी अभियान से जुड़ी रिपोर्टों में किया गया है।
ABVP से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़े
आर्यन बेलवाल पहले ABVP से जुड़े रहे थे। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए ABVP ने धीरज बिष्ट को अपना प्रत्याशी घोषित किया था, जिसके बाद आर्यन ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। उनके समर्थन में संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की पेशकश की खबरें भी सामने आई थीं।
चुनाव से पहले अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला आर्यन बेलवाल, ABVP के धीरज बिष्ट और NSUI के मेहुल साह के बीच त्रिकोणीय हो गया था। मतदान के दौरान आर्यन और धीरज के बीच विवाद की स्थिति भी बनी थी, जिसके बाद परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया था।
जीत तक नंगे पैर रहने का लिया था संकल्प
आर्यन बेलवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद चुनाव परिणाम आने तक जूते-चप्पल नहीं पहनने का संकल्प लिया था। मतदान के दिन भी वह कॉलेज परिसर में नंगे पैर नजर आए। चुनाव प्रचार के दौरान उनका एक वीडियो संदेश भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने ABVP से अलग होने के फैसले से जुड़ी अपनी बात रखी थी।
चुनाव परिणाम के बाद एमबीपीजी कॉलेज की नई छात्रसंघ टीम में अध्यक्ष पद पर आर्यन बेलवाल और सचिव पद पर सार्थक रस्तोगी निर्वाचित हुए। अन्य पदों पर भी अलग-अलग प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।










