केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 24 राज्यों के 50 शहरों को स्वच्छ आदर्श शहर बनाने की घोषणा की है। इनमें प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, दिल्ली और मुंबई समेत कई प्रमुख शहर शामिल हैं।
प्रयागराज: आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश के 50 शहरों को स्वच्छ आदर्श शहर के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इन शहरों की प्रगति की हर दो महीने में व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की जाएगी। इस पहल को प्रगति-50 नाम दिया गया है।
50 शहरों को बनाया जाएगा स्वच्छ आदर्श शहर
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने देश के 24 राज्यों के 50 शहरों को स्वच्छ आदर्श शहर बनाने का फैसला किया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चयनित शहरों की प्रगति की वह हर दो महीने में व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे।

हालांकि, सरकार की ओर से यह समयसीमा नहीं बताई गई है कि इन 50 शहरों को कब तक स्वच्छ आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल को प्रगति-50 नाम दिया गया है।
प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ समेत ये शहर शामिल
चयनित शहरों में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, आगरा, अयोध्या, लखनऊ, मथुरा और वाराणसी को शामिल किया गया है। बिहार से गया और पटना भी इस सूची का हिस्सा हैं। इसके अलावा देश के अन्य राज्यों के प्रमुख शहरों को भी इस पहल में शामिल किया गया है।
इस योजना में प्रमुख शहरों के साथ सांस्कृतिक महत्व वाले शहरों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और आर्थिक केंद्रों को भी शामिल किया गया है। मंत्रालय का उद्देश्य इन शहरों को नियमित स्वच्छता व्यवस्था से आगे ले जाकर बेहतर प्रदर्शन के मानकों पर विकसित करना है।
प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद शुरू हुई पहल
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अनुसार, यह पहल 51वें प्रगति सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद शुरू की गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चयनित 50 शहर स्वच्छता के नियमित कार्यों से आगे बढ़कर निरंतर और उच्च प्रदर्शन मानकों को अपनाएंगे।
इन शहरों से ऐसी स्वच्छता संबंधी पहल करने की अपेक्षा की गई है, जिन्हें देश के दूसरे शहरों के लिए भी उदाहरण के रूप में अपनाया जा सके। चयनित शहरों को आदर्श स्वच्छ शहर बनाने की जिम्मेदारी संबंधित नगरीय निकायों को दी गई है।
2016 में शुरू हुआ था स्मार्ट सिटी मिशन
शहरी क्षेत्रों को बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने इससे पहले वर्ष 2016 में स्मार्ट सिटी मिशन शुरू किया था। इस मिशन के तहत वर्ष 2018 तक देश के 100 शहरों को शामिल किया गया था।
स्मार्ट सिटी मिशन की जिम्मेदारी भी राज्य सरकारों और संबंधित नगरीय निकायों को दी गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि इस मिशन के तहत अब तक कितने शहर निर्धारित मानकों के अनुसार स्मार्ट सिटी बन पाए हैं।
नई प्रगति-50 पहल में चयनित शहरों की स्वच्छता व्यवस्था और प्रदर्शन की नियमित समीक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री स्वयं हर दो महीने में इन शहरों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।











