नालंदा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने जिले में डेयरी क्षेत्र को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना का शिलान्यास किया। इस दौरान आधुनिक दही-लस्सी प्रोसेसिंग प्लांट की आधारशिला रखी गई। इस प्लांट के शुरू होने के बाद प्रतिदिन 20 मीट्रिक टन दही और लस्सी का उत्पादन किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय दुग्ध उत्पादकों, डेयरी समितियों और उपभोक्ताओं सभी को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए डेयरी क्षेत्र में लगातार निवेश किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने और उच्च गुणवत्ता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नई डेयरी इकाई में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से दूध का प्रसंस्करण कर दही और लस्सी जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उत्पादन के साथ-साथ पैकेजिंग और कोल्ड चेन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहे और उन्हें सुरक्षित रूप से बाजार तक पहुंचाया जा सके।
इस परियोजना के तहत 300 खुदरा विक्रेताओं को डीप फ्रीजर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इन डीप फ्रीजर की मदद से डेयरी उत्पादों को उचित तापमान पर सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे दुकानदारों को उत्पाद खराब होने की चिंता कम होगी और उपभोक्ताओं को ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद आसानी से मिल सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना से आसपास के जिलों के हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों को भी लाभ मिलने की संभावना है। डेयरी समितियों से अधिक मात्रा में दूध की खरीद होने पर किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी।
प्लांट के संचालन के बाद स्थानीय स्तर पर दही और लस्सी की उपलब्धता बढ़ेगी। इसके साथ ही राज्य के अन्य जिलों में भी इन उत्पादों की आपूर्ति की जा सकेगी। आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली के कारण उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। दूध संग्रहण केंद्रों का विस्तार, कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विकास और आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से पूरे डेयरी नेटवर्क को अधिक सक्षम बनाया जा रहा है।











