आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या में 45 करोड़ रुपये की लागत से 1,500 क्षमता वाला अत्याधुनिक सभागार बनाया जाएगा। इसके निर्माण को शासन की मंजूरी मिलने के साथ धनराशि भी स्वीकृत कर दी गई है।
अयोध्या: आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को बुनियादी ढांचे के विकास के तहत बड़ी सौगात मिली है। परिसर में 45 करोड़ रुपये की लागत से 1,500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक सभागार बनाया जाएगा। इसके निर्माण से विश्वविद्यालय में बड़े वैज्ञानिक सम्मेलन, किसान कार्यक्रम और दीक्षांत समारोह जैसे आयोजन एक ही स्थान पर कराना आसान होगा।
45 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा नया अत्याधुनिक सभागार
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आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या में जल्द ही एक अत्याधुनिक सभागार का निर्माण शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना को शासन की मंजूरी मिल चुकी है और निर्माण कार्य के लिए धनराशि भी स्वीकृत कर दी गई है। करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सभागार विश्वविद्यालय के इतिहास की सबसे बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से बड़े क्षमता वाले सभागार की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब यह परियोजना पूरा करेगी।
एक साथ बैठ सकेंगे 1,500 लोग
प्रस्तावित सभागार की क्षमता लगभग 1,500 लोगों की होगी। इसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और किसानों के बैठने की आधुनिक व्यवस्था की जाएगी। अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो सिस्टम, बेहतर ध्वनि व्यवस्था, डिजिटल प्रस्तुतीकरण की सुविधाएं और अन्य आधुनिक संसाधनों से इसे सुसज्जित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के अभियंता ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि यह नया सभागार परिसर में मौजूद सभी सभागारों से अधिक क्षमता वाला होगा और इसके निर्माण पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
चार एकड़ क्षेत्र में होगा निर्माण
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह अत्याधुनिक सभागार लगभग चार एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस (C&DS) को सौंपी गई है। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। परियोजना पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अलग से किसी बाहरी स्थल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
किसान सम्मेलन और वैज्ञानिक कार्यक्रमों को मिलेगा नया मंच
नए सभागार के निर्माण के बाद विश्वविद्यालय में बड़े किसान सम्मेलन, दीक्षांत समारोह, प्रशिक्षण कार्यक्रम, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन, कार्यशालाएं तथा विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां एक ही छत के नीचे आयोजित की जा सकेंगी। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में किसानों और विशेषज्ञों की भागीदारी वाले कार्यक्रमों के आयोजन में भी सुविधा होगी।
मौजूदा सभागारों की तुलना में होगी सबसे अधिक क्षमता
वर्तमान में विश्वविद्यालय परिसर में एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट, वेटरनरी और कम्युनिटी साइंस विभागों के सभागार तथा विभिन्न कॉलेजों के सेमिनार और कॉन्फ्रेंस हॉल मौजूद हैं। इनमें सबसे बड़े सभागार की क्षमता लगभग 500 लोगों की है। ऐसे में 1,500 लोगों की क्षमता वाला नया सभागार विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम होगा। इससे एक साथ बड़ी वैज्ञानिक बैठकों, शैक्षणिक कार्यक्रमों और किसानों से जुड़े आयोजनों का सफल संचालन संभव हो सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना संस्थान की पहचान को और मजबूत करेगी तथा प्रदेश में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।











