National Medical Commission (NMC) ने NEET UG 2026 के लिए पात्रता नियम बदल दिए हैं। अब 12वीं में PCM स्ट्रीम लेने वाले छात्र भी बायोलॉजी को अतिरिक्त विषय के रूप में पास करके NEET परीक्षा में बैठ सकते हैं। इससे इंजीनियरिंग स्ट्रीम के लाखों छात्रों को मेडिकल करियर बनाने का मौका मिला है और उन्हें पूरी 11वीं-12वीं दोबारा करने की जरूरत नहीं है।
NEET UG 2026 Eligibility Update: अब 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) करने वाले छात्र भी बायोलॉजी या बायोटेक्नोलॉजी को अतिरिक्त विषय के रूप में पास करके NEET परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यह बदलाव National Medical Commission (NMC) ने लागू किया है ताकि इंजीनियरिंग स्ट्रीम के छात्र भी मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर पा सकें। नए नियम के तहत न्यूनतम अंक और आयु सीमा जैसी पात्रता शर्तें अब भी लागू रहेंगी।
अब PCM स्ट्रीम से भी पात्रता
National Medical Commission (NMC) ने NEET UG 2026 के लिए पात्रता नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) करने वाले छात्र भी बायोलॉजी को अतिरिक्त विषय के रूप में पास कर NEET परीक्षा में बैठ सकते हैं। इससे उन लाखों छात्रों को राहत मिली है, जिन्होंने इंजीनियरिंग स्ट्रीम चुनी थी लेकिन अब मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
इस फैसले से पहले PCM स्ट्रीम लेने वाले छात्रों को पूरी 11वीं-12वीं दोबारा बायोलॉजी के साथ करनी पड़ती थी। अब केवल अतिरिक्त विषय के रूप में बायोलॉजी पास करना पर्याप्त होगा। इस बदलाव से समय और मेहनत दोनों की बचत होगी और छात्रों के लिए विकल्प अधिक खुले होंगे।

कैसे बनेंगे NEET के लिए पात्र
NEET UG में प्रवेश पाने के लिए छात्र को परीक्षा पास करना अनिवार्य है। नए नियम के अनुसार, PCM छात्र 12वीं के बाद बायोलॉजी या बायोटेक्नोलॉजी को अतिरिक्त विषय के रूप में पास कर सकते हैं और फिर NEET में बैठने के योग्य होंगे। सफल होने पर वे भारत या विदेश के MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं।
इस बदलाव से इंजीनियरिंग तैयारी कर रहे छात्र भी अब मेडिकल के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। न्यूनतम आयु नियम और 12वीं के अंक पात्रता मानदंड अब भी लागू रहेंगे। सामान्य वर्ग के लिए PCB में 50%, OBC/SC/ST के लिए 40%, और PwD छात्रों के लिए 45% अंक जरूरी हैं।
स्ट्रीम बदलना हुआ आसान
यह निर्णय उन छात्रों के लिए खास है जिन्होंने 10वीं के बाद दबाव या जानकारी की कमी के कारण PCM चुना। अब उन्हें पूरी 11वीं और 12वीं दोबारा करने की जरूरत नहीं है। सिर्फ एक अतिरिक्त विषय की परीक्षा पास करके वे NEET परीक्षा देने के लिए योग्य हो जाएंगे। इससे उनके समय और मेहनत की बचत होगी, और छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल दोनों विकल्प खुला रख सकते हैं।










