अजमेर में NEET UG परीक्षा रद्द होने के विरोध में NSUI कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पेपर लीक आरोपों से नाराज छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया।
अजमेर: राजस्थान के अजमेर में मंगलवार को नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों को लेकर सरकार के खिलाफ रैली निकाली और कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI ग्रामीण अध्यक्ष अंकित घारू ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई।
कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन, सड़क पर लगा जाम
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ता मुख्य सड़क पर उतर आए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सिर पर काली पट्टियां बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया, जिसे शिक्षा व्यवस्था के प्रति नाराजगी का प्रतीक बताया गया।
पेपर लीक पर गंभीर आरोप, छात्रों के भविष्य पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
NSUI ग्रामीण अध्यक्ष अंकित घारू ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक होना बेहद गंभीर मामला है। उनके अनुसार, छात्रों ने वर्षों तक कठिन मेहनत की, लेकिन बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन मामला उजागर होने के बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा।

छात्रों और अभिभावकों में निराशा का माहौल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से न केवल छात्र बल्कि उनके परिवार भी मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। कई छात्रों के करियर प्लान प्रभावित हुए हैं और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
NSUI ने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
सरकार से इस्तीफे की मांग और सख्त कानून की अपील
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। कुछ नेताओं ने यहां तक कहा कि यदि सरकार परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं कर सकती तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
साथ ही उन्होंने मांग की कि पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए और डिजिटल व फिजिकल सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
पुलिस की तैनाती के बीच शांत हुआ प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट के बाहर हुए इस विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया।
बाद में प्रशासन और पुलिस की समझाइश के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराया गया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।









