Re-NEET UG 2026 के रजिस्ट्रेशन आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा है। महाराष्ट्र और राजस्थान दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं। आंकड़े बताते हैं कि मेडिकल शिक्षा के लिए प्रतिस्पर्धा बड़े राज्यों में लगातार बढ़ रही है।
नई दिल्ली: NEET UG 2026 के लिए हुए रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों ने देशभर में मेडिकल शिक्षा की बढ़ती प्रतिस्पर्धा की तस्वीर साफ कर दी है। सबसे अधिक आवेदन उत्तर प्रदेश से आए हैं, जबकि महाराष्ट्र और राजस्थान भी शीर्ष राज्यों में शामिल रहे। उम्मीदवारों की संख्या से यह संकेत मिलता है कि मेडिकल सीटों की मांग आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश ने दर्ज की सबसे बड़ी भागीदारी
देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET UG 2026 के रजिस्ट्रेशन आंकड़ों ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की मजबूत उपस्थिति को सामने रखा है। राज्य से 3.56 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है। यह आंकड़ा बताता है कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के प्रति छात्रों का रुझान लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने का सपना लेकर प्रतियोगिता में उतर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी, बढ़ते शैक्षणिक संसाधन और मेडिकल करियर के प्रति बढ़ती जागरूकता इसके प्रमुख कारण हैं। यही वजह है कि हर वर्ष यहां से बड़ी संख्या में छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं।
महाराष्ट्र और राजस्थान भी टॉप राज्यों में शामिल
रजिस्ट्रेशन के मामले में महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर रहा, जहां से 2,22,905 उम्मीदवारों ने आवेदन किया। वहीं राजस्थान 2,03,470 आवेदनों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। राजस्थान लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का प्रमुख केंद्र माना जाता है। कोटा जैसे शहरों ने राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाई है।
महाराष्ट्र में भी मेडिकल और प्रोफेशनल शिक्षा की मांग लगातार बढ़ रही है। राज्य के विभिन्न शहरों में मौजूद मेडिकल कॉलेज और कोचिंग सुविधाएं छात्रों को आकर्षित कर रही हैं। इन दोनों राज्यों के आंकड़े दर्शाते हैं कि मेडिकल सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम भारत में भी इसका प्रभाव काफी मजबूत है।
कई राज्यों से आई मजबूत भागीदारी
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के अलावा बिहार, कर्नाटक और तमिलनाडु ने भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार दिए हैं। बिहार से 1.56 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया, जबकि कर्नाटक और तमिलनाडु से क्रमशः 1.45 लाख और 1.42 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं।
इसके अलावा मध्य प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से भी उल्लेखनीय संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन राज्यों की भागीदारी यह दर्शाती है कि मेडिकल शिक्षा अब देशभर के छात्रों के लिए प्रमुख करियर विकल्प बन चुकी है।
मेडिकल सीटों पर बढ़ रहा दबाव
रजिस्ट्रेशन के ताजा आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि देश में मेडिकल सीटों की मांग लगातार बढ़ रही है। हर साल लाखों छात्र NEET परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन उपलब्ध सीटों की संख्या सीमित होने के कारण प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन बनी रहती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता और अधिक महसूस होगी। साथ ही सरकारी और निजी संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की उपलब्धता बढ़ाना भी जरूरी होगा, ताकि बढ़ती मांग को संतुलित किया जा सके।
देशभर में बढ़ रही मेडिकल शिक्षा की लोकप्रियता
NEET UG 2026 के रजिस्ट्रेशन आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि डॉक्टर बनने का सपना देश के हर क्षेत्र में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। उत्तर भारत के राज्यों की मजबूत भागीदारी के साथ-साथ दक्षिण और पश्चिम भारत से भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार सामने आए हैं।
यह रुझान बताता है कि चिकित्सा क्षेत्र को लेकर युवाओं का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरत और मेडिकल पेशे की प्रतिष्ठा के कारण आने वाले वर्षों में भी NEET जैसी परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा और अधिक तीव्र होने की संभावना है।










