फिनलैंड में 45 दिनों से लापता हैदराबाद का छात्र, परिवार ने लगाई सरकार से मदद की गुहार

फिनलैंड में पढ़ाई कर रहे हैदराबाद के छात्र मणिदीप रेड्डी 45 दिनों से लापता। परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, केंद्र और भारतीय दूतावास से मदद की मांग की।

फिनलैंड के लाहटी शहर में पढ़ाई कर रहे हैदराबाद निवासी छात्र मणिदीप रेड्डी पिछले 45 दिनों से लापता हैं। परिवार ने उनकी सुरक्षित तलाश के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से हस्तक्षेप की मांग की है।

हेलसिंकी: फिनलैंड में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे भारत के एक छात्र के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है, जिसने परिवार, मित्रों और भारतीय समुदाय के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। हैदराबाद निवासी मणिदीप रेड्डी पिछले डेढ़ महीने से लापता हैं और अब तक उनके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। परिवार का कहना है कि उनसे आखिरी बार पिछले महीने संपर्क हुआ था, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और सभी प्रकार का संचार अचानक रुक गया।

यह मामला न केवल एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी बन गया है, बल्कि विदेशों में अध्ययन कर रहे छात्रों की सुरक्षा और आपातकालीन सहायता व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। मणिदीप के माता-पिता लगातार भारतीय और फिनलैंड की संबंधित एजेंसियों से मदद की अपील कर रहे हैं ताकि उनके बेटे का सुरक्षित पता लगाया जा सके।

फिनलैंड में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे मणिदीप रेड्डी

मणिदीप रेड्डी भारत के तेलंगाना राज्य की राजधानी हैदराबाद के वनस्थलीपुरम क्षेत्र के वैदेही नगर के निवासी हैं। वे उच्च शिक्षा के लिए फिनलैंड गए थे और वहां LUT University में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे।

रिपोर्टों के अनुसार, वे विश्वविद्यालय में बी.टेक के प्रथम वर्ष के छात्र थे और फिनलैंड के शहर Lahti में रह रहे थे। परिवार और परिचितों के अनुसार, उनकी पढ़ाई सामान्य रूप से चल रही थी और किसी गंभीर समस्या की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।

हालांकि पिछले महीने की शुरुआत में परिवार से हुई बातचीत के बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया, जिसने सभी को चिंता में डाल दिया।

परिवार से अंतिम बातचीत के बाद बंद हुआ संपर्क

मणिदीप के परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे से नियमित रूप से संपर्क बनाए रखा था। लेकिन पिछले महीने की शुरुआत में हुई बातचीत के बाद उनसे दोबारा संपर्क नहीं हो सका।

परिजनों के अनुसार, कई बार फोन करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन लगातार बंद मिला। सोशल मीडिया, ईमेल और अन्य माध्यमों से भी संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

शुरुआत में परिवार को लगा कि शायद किसी तकनीकी समस्या या व्यक्तिगत कारण से संपर्क नहीं हो पा रहा होगा। लेकिन समय बीतने के साथ चिंता बढ़ती गई और मामला गंभीर रूप लेता गया।

दोस्तों और सहपाठियों ने भी की तलाश

जब मणिदीप से संपर्क पूरी तरह टूट गया, तो उनके दोस्तों और परिचितों ने भी उनकी खोज शुरू की। रिपोर्टों के अनुसार, उनके सहपाठियों और मित्रों ने उनके निवास स्थान और विश्वविद्यालय परिसर में उनकी तलाश की।

उनके रहने के स्थान, नियमित रूप से आने-जाने वाले इलाकों और विश्वविद्यालय से जुड़े स्थानों की जांच की गई, लेकिन कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला। इस दौरान यह भी पता नहीं चल सका कि वे आखिरी बार कहां और किसके साथ देखे गए थे।

फिनलैंड में 45 दिनों से लापता हैदराबाद का छात्र, परिवार ने लगाई सरकार से मदद की गुहार

मित्रों द्वारा की गई शुरुआती खोजबीन के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने पर मामला स्थानीय पुलिस तक पहुंचाया गया।

फिनलैंड पुलिस में दर्ज कराई गई गुमशुदगी की रिपोर्ट

मणिदीप के लापता होने के बाद उनके परिवार और परिचितों ने फिनलैंड पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की।

हालांकि शिकायत दर्ज होने के लगभग 45 दिन बाद भी छात्र का कोई पता नहीं चल पाया है। जांच जारी रहने के बावजूद सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी साझा की गई है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुमशुदगी के मामलों में कई एजेंसियों के बीच समन्वय की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में जांच प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है, विशेषकर तब जब कोई स्पष्ट सुराग उपलब्ध न हो।

परिवार ने भारत सरकार और तेलंगाना सरकार से लगाई गुहार

मणिदीप के माता-पिता ने भारत सरकार, तेलंगाना सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपने बेटे को खोजने में सक्रिय सहायता की अपील की है। उनका कहना है कि समय बीतने के साथ उनकी चिंता लगातार बढ़ रही है और वे अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान हैं।

परिवार चाहता है कि भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन मिलकर इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखें। उनका कहना है कि विदेश में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकारों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

जब परिवार को लगा कि मामले में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, तो उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया। मणिदीप के माता-पिता ने Telangana High Court में एक याचिका दायर की।

याचिका में आरोप लगाया गया कि संबंधित एजेंसियों द्वारा मामले में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है और उनके बेटे को खोजने के प्रयासों में तेजी लाने की आवश्यकता है। परिवार ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग करते हुए विभिन्न सरकारी संस्थाओं को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया।

अदालत ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से मांगी जानकारी

मामले की सुनवाई के दौरान तेलंगाना हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार, फिनलैंड स्थित भारतीय दूतावास और तेलंगाना पुलिस को नोटिस जारी किए। अदालत ने इन संस्थाओं से अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई इस महीने की 24 तारीख तक के लिए स्थगित कर दी।

अदालत की निगरानी में चल रही यह प्रक्रिया परिवार को उम्मीद देती है कि मामले में तेजी से प्रगति हो सकती है।

विदेशों में अध्ययन कर रहे छात्रों की सुरक्षा पर बढ़ी चर्चा

मणिदीप रेड्डी का मामला एक बार फिर विदेशों में पढ़ाई कर रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। हर वर्ष हजारों भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए यूरोप, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों का रुख करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के लिए मजबूत आपातकालीन संपर्क व्यवस्था, विश्वविद्यालयों और दूतावासों के बीच बेहतर समन्वय तथा समय पर सहायता तंत्र बेहद आवश्यक है। ऐसे मामलों में शुरुआती घंटों और दिनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

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