NEET UG OMR विवाद: NTA जांच में AI से बनी और छेड़छाड़ वाली शीट का दावा, दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

NEET UG OMR विवाद पर NTA ने AI से बनी और छेड़छाड़ वाली OMR शीट मिलने का दावा किया। फर्जी दस्तावेज देने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

NEET UG री-एग्जाम के बाद OMR शीट में गड़बड़ी के आरोपों की NTA ने तत्काल जांच की। एजेंसी ने दावा किया कि शिकायतों में AI से तैयार और छेड़छाड़ की गई OMR शीट मिली हैं तथा फर्जी दस्तावेज देने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

नई दिल्ली: NEET UG OMR विवाद को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रों की शिकायतों की कुछ ही घंटों में जांच पूरी करने का दावा किया है। एजेंसी के अनुसार पुणे और बीड से सामने आए मामलों में कथित OMR शीट की जांच के दौरान AI से तैयार दस्तावेज और छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। इसके साथ ही NTA ने छात्रों और अभिभावकों को केवल वास्तविक दस्तावेज ही प्रस्तुत करने की सलाह दी है।

OMR शीट विवाद की NTA ने तुरंत शुरू की जांच

NEET UG OMR विवाद: NTA जांच में AI से बनी और छेड़छाड़ वाली शीट का दावा, दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

NEET UG री-एग्जाम का परिणाम घोषित होने के बाद महाराष्ट्र के पुणे और बीड के कुछ छात्रों ने अपनी OMR शीट और प्राप्त अंकों को लेकर सवाल उठाए। शिकायत मिलते ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मामले की जांच शुरू की। एजेंसी का कहना है कि प्रारंभिक जांच कुछ ही घंटों में पूरी कर ली गई और दोनों मामलों में प्रस्तुत दस्तावेजों की तकनीकी जांच की गई।

जांच में क्या सामने आया?

NTA के अनुसार पुणे के एक छात्र द्वारा प्रस्तुत OMR शीट की जांच में पता चला कि संबंधित दस्तावेज AI की मदद से तैयार किया गया था। वहीं बीड के छात्र के मामले में एजेंसी ने दावा किया कि प्रस्तुत OMR शीट के साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुणे के छात्र ने आरोप लगाया था कि उसे दो अलग-अलग OMR शीट मिलीं, जिनमें उत्तर अलग-अलग थे। दूसरी ओर बीड के छात्र ने दावा किया कि उसके वास्तविक उत्तरों के अनुसार उसे कहीं अधिक अंक मिलने चाहिए थे।

NTA ने छात्रों और अभिभावकों को दी चेतावनी

जांच के बाद NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि एजेंसी सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच कर रही है। साथ ही छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे जांच के लिए केवल वास्तविक OMR शीट ही जमा करें। एजेंसी का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति नकली, AI से तैयार या छेड़छाड़ किए गए दस्तावेजों का उपयोग कर शिकायत दर्ज कराता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फर्जी दस्तावेजों पर होगी सख्त कार्रवाई

NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया को बदनाम करने या झूठे आरोप लगाने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करना गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में संबंधित छात्रों या अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि किसी भी शिकायत के लिए केवल आधिकारिक और प्रमाणिक दस्तावेजों का ही उपयोग करें तथा भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें।

Leave a comment