नीट यूजी री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार, परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराने तथा नकल गिरोहों पर रोक लगाने के उद्देश्य से कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
नई दिल्ली: भारत सरकार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG की दोबारा परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए कड़े सुरक्षा कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाते हुए मैसेजिंग ऐप Telegram पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लागू किया है। यह निर्णय परीक्षा से जुड़े संभावित पेपर लीक और नकल नेटवर्क को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
इसके साथ ही, 30 जून तक टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर को भी अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। इस कदम को परीक्षा सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
NEET UG री-एग्जाम की तारीख
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET UG 2026 की पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा पहले हुई परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद दोबारा कराई जा रही है। परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित किया गया है। कुल 195 मिनट की इस अवधि में परीक्षा से संबंधित सभी औपचारिकताएं शामिल होंगी, ताकि छात्रों को पर्याप्त समय मिल सके।
सरकार की उच्च स्तरीय निगरानी
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केंद्र सरकार ने परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय निगरानी तंत्र सक्रिय किया है। कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, बाधा या छेड़छाड़ को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य परीक्षा की विश्वसनीयता और छात्रों के भरोसे को बनाए रखना है।
री-एग्जाम को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परिवहन के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किया गया है, जिसमें वायुसेना की सहायता से सुरक्षित डिलीवरी की व्यवस्था भी शामिल है। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों जैसे CRPF और CISF के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकारों को भी सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों के लिए नई सुविधाएं
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस बार छात्रों को परीक्षा में अतिरिक्त 15 मिनट का समय दिया जाएगा, जिससे उन्हें प्रश्नों को समझने और हल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, उत्तर पुस्तिकाओं में रफ वर्क के लिए उपलब्ध स्थान को भी बढ़ाया गया है। पहले जहां छात्रों को सीमित जगह मिलती थी, अब उसे दोगुना कर दिया गया है, जिससे वे बेहतर तरीके से गणना और नोट्स बना सकें।
सरकार ने इस बार डिजिटल माध्यमों पर विशेष निगरानी बढ़ाई है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स की भूमिका सामने आई है। इसी वजह से टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध लगाकर परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोकने की कोशिश की जा रही है।










