NEET UG री-एग्जाम 2026: धर्मेंद्र प्रधान की हाई-लेवल समीक्षा बैठक, नोडल अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

NEET UG री-एग्जाम 2026 को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। इस दौरान नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।

Dharmendra Pradhan ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, National Testing Agency और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आगामी NEET UG री-एग्जाम 2026 को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब देशभर में 21 जून 2026 को होने वाली री-एग्जाम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासनिक स्तर पर सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

हाई-लेवल मीटिंग में कई विभागों की भागीदारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में कुल 200 से अधिक अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिसमें परीक्षा संचालन से जुड़े सभी प्रमुख पक्ष शामिल थे। बैठक में National Testing Agency के महानिदेशक भी मौजूद रहे, जिन्होंने परीक्षा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी साझा की।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने स्पष्ट निर्देश दिए कि NEET UG री-एग्जाम पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और निगरानी प्रणाली प्रभावी ढंग से काम करे।

राज्यों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर

NEET UG री-एग्जाम 2026: धर्मेंद्र प्रधान की हाई-लेवल समीक्षा बैठक, नोडल अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकारी सभी राज्यों में परीक्षा से जुड़ी तैयारियों की निगरानी करेंगे। ये अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे और सभी गतिविधियों की रिपोर्ट सीधे NTA के कमांड सेंटर को सौंपेंगे। यह कमांड सेंटर National Testing Agency के महानिदेशक के नेतृत्व में कार्य करेगा, जिससे पूरे देश में परीक्षा संचालन का एकीकृत नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। अधिकारियों ने कहा कि छात्रों के लिए तनाव-मुक्त और सुरक्षित वातावरण तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि वे बिना किसी चिंता के परीक्षा दे सकें।

NTA और शिक्षा विभाग का समन्वित प्रयास

बैठक में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव Sanjay Kumar और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव Vineet Joshi भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले का समय बेहद महत्वपूर्ण है और इस दौरान सभी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सभी निर्देश समय पर जारी किए जाएं और हर स्तर पर सक्रिय समन्वय बनाए रखा जाए ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या न उत्पन्न हो।

पिछले महीने आयोजित NEET परीक्षा को पेपर लीक से जुड़े आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल करने के लिए री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया। इस फैसले के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजरें 21 जून को होने वाली नई परीक्षा पर टिकी हैं।

री-एग्जाम की तारीख नजदीक आने के साथ ही प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों, परीक्षा केंद्रों और तकनीकी टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इस बार परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से मजबूत व्यवस्था के तहत आयोजित की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके।

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